चौखुटिया(अल्मोड़ा)। क्षेत्र की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुधारने की मांग के लिए चल रहा ऑपरेशन स्वास्थ्य आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। आमरण अनशन शनिवार को 52वें दिन में प्रवेश कर गया लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस या सकारात्मक पहल न होने से जनता में गहरी नाराजगी है।
शनिवार को केवलानंद पांडे 11वें दिन, सुंदर सिंह नेगी 9वें दिन तथा बचे सिंह कठायत ने अपना समर्थन देते हुए आमरण अनशन जारी रखा। वहीं क्रमिक धरने पर अशोक कुमार और नारायण दत्त तिवारी बैठे रहे। अनशनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इसके बावजूद उनका हौसला और संघर्ष का जज्बा कम नहीं हुआ है। यह आंदोलन अब पूरे क्षेत्र की सामूहिक आवाज बन चुका है। ग्रामीण, महिलाएं, युवा, व्यापारी और विभिन्न सामाजिक संगठन खुलकर समर्थन में उतर आए हैं जिससे आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। लोगों के बीच अब यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि 52 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे लोगों की आवाज कब सरकार तक पहुंचेगी। लगातार ज्ञापन, अपील और विरोध के बावजूद सरकारी स्तर पर निरंतर चुप्पी ने जनता के असंतोष को और भड़का दिया है।