अल्मोड़ा। किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सुदृढ़, आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से सामाजिक विकास एवं प्रबंधन समिति, अल्मोड़ा के सहयोग और नाबार्ड की वित्तीय सहायता से हिमारोग्यम सहकारी समिति लिमिटेड (एफपीओ) के निदेशक मंडल के लिए तीन दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार को शुभारंभ हुआ। माल रोड स्थित आईटीडीए परिसर में शुरू हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिवस प्रतिभागियों को एफपीओ की अवधारणा, निदेशक मंडल की भूमिका, सुशासन, व्यवसाय प्रबंधन, वित्तीय अनुशासन, विपणन, मूल्य संवर्धन तथा संस्थागत नेतृत्व से जुड़े विषयों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों से व्यावहारिक समाधान प्राप्त किया। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक गिरीश चंद्र पंत ने कहा कि मजबूत एवं पारदर्शी एफपीओ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ किसानों को बेहतर बाजार और सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्षमता निर्माण से निदेशक मंडल की निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व कौशल में वृद्धि होगी। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे तथा एफपीओ के संचालन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। आगामी दो दिनों में डिजिटल मार्केटिंग, बिजनेस प्लानिंग, गवर्नेंस, कृषि-हॉर्टी पर्यटन और बाजार संपर्क जैसे विषयों पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे।