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खेतों से बाजार पहुंची गगास घाटी की मशहूर प्याज की पौध

Sat, 25 Nov 2017 10:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
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रानीखेत में प्याज की पौध बेचता गगास घाटी का किसान। - फोटो : Amar ujala
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 गगास घाटी की मशहूर प्याज की पौध खेतों से बाजार तक पहुंच चुकी है। लोग इन पौधों को हाथों हाथ ले रहे हैं, हालांकि इस बार अतिवृष्टि के कारण किसानों ने कम पौध बोई जबकि पौध की डिमांड इस बार अधिक है। गगास का प्याज अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के अलावा गढ़वाल से लगे इलाकों में भी खूब पसंद किया जाता है। इस क्षेत्र के काश्तकार सीजन में दो लाख रुपये तक की पौध बेच देते हैं।
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शहर से 19 किमी की दूरी पर स्थित गगास घाटी के मकड़ौं, मंगचौड़ा सहित कई इलाकों में व्यापक मात्रा में प्याज की पौध उगाई जाती है। अगस्त और सितंबर में काश्तकार 01 से लेकर 05 नाली तक की भूमि में बीज बोते हैं। निराई, गुड़ाई और खरपतवार निकालने के बाद नवंबर की 15 तारीख तक पौध तैयार हो जाती है। ग्रामीण प्याज की पौध सोमेश्वर, गरुड़, बागेश्वर, हवालबाग, अल्मोड़ा, रानीखेत, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, चौखुटिया मुनस्यारी, चंपावत, डीडीहाट, धारचूला आदि क्षेत्रों में बेचते हैं। पौध विक्रेता युवा काश्तकार मंगचौड़ा निवासी खुशाल सिंह ने बताया कि इस बार बारिश के कारण लोगों ने बीज कम बोया। पिछली बार प्याज की पौध अधिक नहीं बिकी, इस बार बाजार में प्याज हाथों हाथ निकल रहा है।
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