रानीखेत (अल्मोड़ा)। सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक अमृत मोहन प्रसाद ने कहा कि सीमा की रक्षा करने वाले हर जवान की सुविधा और सम्मान हमारी प्राथमिकता है। हर समस्या का समाधान समय पर और प्रभावी ढंग से हो, यह सुनिश्चित करना बल की जिम्मेदारी है।
बुधवार को महानिदेशक अमृत मोहन प्रसाद ने सीमांत मुख्यालय रानीखेत एवं अन्य क्षेत्रीय इकाइयों का एक दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बल की व्यवस्थाओं, आधारभूत ढांचे और जवानों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उनके सीमांत मुख्यालय पहुंचने पर स्वागत किया।
इसके बाद उन्होंने काठगोदाम स्थित आवागमन शिविर का निरीक्षण किया एवं स्थानीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों से क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग पर चर्चा की। महानिदेशक प्रसाद ने ज्योलीकोट शिविर का दौरा किया और बल की तैनाती, सुविधाओं व प्रचालन की समीक्षा की। क्षेत्रक मुख्यालय, अल्मोड़ा पहुंचने पर उपमहानिरीक्षक सुधांशु नौटियाल ने उनकी अगवानी की गई। यहां उन्होंने पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लिया और बल की हरित पहल को सराहा।
इसके बाद रानीखेत स्थित सीमांत मुख्यालय में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और उप महानिरीक्षक (प्रचालन) डीबी सोनार ने क्षेत्र की गतिविधियों की प्रस्तुति देखीं। उन्होंने सड़क निर्माण, सीमा चौकियों की अवस्थिति और संचार साधनों की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन समीक्षा की और आवश्यक निर्देश जारी किए।
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कल्याणकारी प्रयासों पर बल, जवानों से संवाद और निर्देश
रानीखेत। महानिदेशक अमृत मोहन प्रसाद ने बल के जवानों और अधिकारियों से व्यापक संवाद करते हुए उनकी व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सेवा संबंधी समस्याओं को सुना। उन्होंने समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु जीएमएस पोर्टल जैसी तकनीकी पहल की चर्चा की और इसके प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने बल कर्मियों के शारीरिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मोटापे के विरुद्ध चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को बल के भीतर व्यापक स्तर पर अपनाने की आवश्यकता जताई। महानिदेशक ने बल द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की और कहा कि बल का मनोबल तभी ऊंचा रहेगा जब हर जवान शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेगा।