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गांधी पार्क औरों से तो बेहतर पर सुविधाएं नहीं 

Mon, 04 Apr 2016 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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गांधी पार्क - फोटो : अमर उजाला
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 पालिका परिषद द्वारा नगर में स्थापित पार्कों की अपेक्षा चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क बेहतर हालत में है। लालता प्रसाद टम्टा बाल विनोद वाटिका के बीच में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति स्थापित है। इस कारण यह स्थल गांधी पार्क के नाम से ही प्रसिद्ध है। विडंबना है कि कुछ लोग इस पार्क में ही कूड़ा आदि फेंक देते हैं।
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गांधी पार्क नगर के जनांदोलनों, राजनीतिक गतिविधियों के साथ ही अलग-अलग मौकों पर खुशी और विरोध  जताने के लिए भी संगठन गांधी पार्क में ही कार्यक्रम करते हैं। जाड़े की सीजन में बुजुर्ग यहां बैठकर गुनगुनी धूप का आनंद लेकर एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं। राष्ट्रपिता ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ अहिंसक आंदोलनों को ताकत बनाया था, लेकिन स्वच्छता पर भी बापू काफी जोर देते थे। लोगों ने बापू के आंदोलन मंत्र को तो अपनाया पर स्वच्छता को भुला दिया। पार्क में आने वाले लोग भी कूड़ा-कचरा जहां-तहां फेंक देते हैं।
कई लोगों ने तो इस जगह को धूम्रपान करने का अड्डा भी बना रखा है। लेकिन, बापू के   मूर्ति स्थल पर गैर कानूनी गतिविधियों को रोकने की फुर्सत किसी प्रशासनिक अधिकारी को नहीं है। पार्क की दीवारों पर होर्डिंग, बैनर पोस्टर आदि लगाने की मनाही है। पालिका ने इस आशय का बोर्ड भी लगा रखा है। पार्क के भीतर पालिका ने काफी समय पहले दो कूड़ेदान लगाए थे, लेकिन समय के साथ अब यह खुद ही कूड़ा दिखते हैैं। पार्क में पालिका कर्मियों ने फूल आदि लगाए हैं, लेकिन पार्क में पानी की व्यवस्था नहीं होने से कार्मिकों को पौधों में पानी डालने के लिए अन्य जगह से पानी लाना पड़ता है। पालिका के अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि पार्क के खुलने और बंद होने का समय निर्धारित है। पार्क के संचालन को कार्मिकों का तैनात किया गया है। समय-समय पर सुंदरीकरण के काम किए जाते हैं। 
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