संवाद न्यूज एजेंसी अल्मोड़ा/ स्याल्दे। पहाड़ की लाइफ लाइन कुमाऊं मोटर्स ओनर्स यूनियन लिमिटेड (केएमओयू) केमू के अल्मोड़ा-स्याल्दे रूट पर दो दशकों से बस सेवा बंद है।
बस सेवा शुरू होने के इंतजार में ग्रामीणों की आंखे पथरा गई है। लोग अधिक किराया चुकाकर टैक्सी से सफर करने को मजबूर हैं।
रामनगर से सुबह संचालित बस शाम को स्याल्दे पहुंचती थी। दूसरे दिन स्याल्दे से अल्मोड़ा को जाती थी। अल्मोड़ा से पुन रामनगर को वापस लौटती थी।
इस बस के संचालन से देघाट, वल्मरा, भाकूड़ा, चंपानगर, स्याल्दे, चचरोटी, तुराचौरा, ऐराडी सहित 95 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को यातायात सुविधा का लाभ मिलता था। बीते दो दशकों से बस सेवा का संचालन ठप है।
लोग टैक्सी में 300 रुपये किराया देकर सफर करने को मजूबर हैं। सराईखेत, इक्खुखेत, चिंतोली, जौरासी, बाजखेत, नैल के ग्रामीणों ने बस सेवा दोबारा शुरू करने की मांग की।