अल्मोड़ा। शनिवार से नेत्रदान पखवाड़ा शुरू हो गया है जो आठ सितंबर तक चलेगा। नेत्रदान पखवाड़े के तहत आईक्यू अस्पताल में हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि एक व्यक्ति का नेत्रदान दो लोगों की जिंदगी को रोशन कर सकता है। बच्चा हो या बूढ़ा मौत से पहले अपनी वसीयत में नेत्रदान का जिक्र कर सकते हैं।
पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. जेसी दुर्गापाल ने कहा कि नेत्रदान में पुतली ही बदली जाती है। मरने के आठ घंटे के भीतर जरूरतमंद आंखें लगा सकता है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से नेत्रदान करने का आह्वान किया। गोष्ठी में बालम सिंह, पुष्पा सती, डॉ. मोहन, रीता दुर्गापाल, जीसी जोशी, चंद्रमणि भट्ट, डीके जोशी, रश्मि डसीला, स्वाति तिवारी, भास्कर प्रसाद, राजू जोशी, नितेश बनकोटी आदि मौजूद थे।
इधर राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ कार्यालय में नेत्रदान पखवाड़ा के तहत हुए गोष्ठी में वक्ताओं ने बेस अस्पताल में कार्निया प्रत्यारोपण की व्यवस्था करने की मांग की। स्वाति तिवारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति मौत से पूर्व नेत्रदान करने का संकल्प पत्र जारी कर सकता है ताकि मौत के बाद उसके परिजन मृतक की इच्छा पूरी करने के लिए चिकित्सकों से संपर्क कर सकें।
संघ के उपाध्यक्ष चंद्रमणि भट्ट ने कहा कि देखने का अधिकार मनुष्य के मुख्य अधिकारों में से एक है। गोष्ठी में रश्मि भट्ट, पूजा रावत, मंजू कबडोला, रश्मि डसीला आदि मौजूद थे। अध्यक्षता संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह अधिकारी और संचालन महासचिव डीके जोशी ने किया।