द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटीकेआईटी) में आयोजित आईईईई एसएससीएस इंस्पायर व्यावसायिक प्रशिक्षण व सेमीकंडक्टर समर स्कूल-2026 के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने सेमीकंडक्टर तकनीक, साइबर सुरक्षा, वीएलएसआई अभिकल्पना और नैनोस्तरीय उपकरणों पर व्याख्यान दिए।
पहले तकनीकी सत्र में इंदिरा गांधी दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय फॉर वुमेन की डॉ. भावना नरवाल ने इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों में साइबर हमलों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने हार्डवेयर स्तर पर होने वाले हमलों और डिजिटल ट्विन तकनीक की उपयोगिता बताई। दूसरे सत्र में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान प्रयागराज के डॉ. कविंद्र कांडपाल ने कम-शक्ति वीएलएसआई अभिकल्पना और सेमीकंडक्टर उद्योग की नई दिशाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों के अनुरूप कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया। बीटीकेआईटी के डॉ. वरुण काकर ने नैनो स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में स्व-तापन प्रभाव और उससे जुड़ी चुनौतियों की जानकारी दी। तकनीकी सत्रों में विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। समर स्कूल नौ अक्तूबर तक चलेगा।