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दूर होगी पीर, जल्द हर घर को मिलेगा नीर

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दैना-मुझोली पेयजल योजना का भूमि पूजन करते बीडीसी सदस्य और अन्य। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। कुंवाली क्षेत्र के गांवों की पेयजल किल्लत जल्द दूर होने की संभावना है। गांवों की समस्या के निराकरण के लिए दैना-मुझोली पेयजल योजना का निर्माण कार्य शुरू होगा। मुझोली के बीडीसी सदस्य दीपक कन्नू शाह ने ग्रामीणों की मौजूदगी में योजना का भूमि पूजन किया।
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सुदूरवर्ती क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत है। ग्रामीणों को पेयजल के लिए दूर दराज के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। ग्रामीण लंबे समय से यहां के लिए योजना बनाने की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने दैना-मुझोली पेयजल योजना को स्वीकृति दे दी है। लगभग 60 लाख रुपये की लागत से योजना में साढ़े 15 और साढ़े सात हजार लीटर की दो टंकियां बनने का कार्य शुरू हो गया है। इससे पारकोली, दैना, मुझोली सहित कई गांवों को लाभ मिलेगा।
वहां प्रधान रेनू देवी, रेखा देवी, पं. तारा दत्त जोशी, प्रताप परिहार, गोपाल परिहार, गोविंद परिहार, मोहन परिहार, भूपाल परिहार, काशी राम, हरीश कुमार, हेमंत कुमार, मोहन कुमार, दीपक परिहार आदि थे।
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प्रदूषित पानी पीने को मजबूर लोग
गरुड़ (बागेश्वर)। जल संस्थान की पेयजल वितरण व्यवस्था ठीक न होने से नगर क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है। इसके चलते आसपास के लोग हैंडपंपों समेत गरुड़ गंगा का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
यहां प्राकृतिक जलस्रोतों की बहुलता के बावजूद जल संस्थान की पेयजल वितरण प्रणाली नहीं सुधर सकी है। इससे भकुनखोला, स्याल्दे टीट, टानीखेत, नौघर, गरुड़ बाजार, गढ़सेर आदि क्षेत्रों के लोग पेयजल के लिए परेशान हैं, जबकि अणां-बानणा पेयजल योजना के स्रोत गरुड़ गंगा में पर्याप्त पानी है लेकिन नलों में पानी न आने के कारण लोग हैंडपंपों और गरुड़ गंगा का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
लोगों ने जल संस्थान के अधिकारियों से सुबह, शाम नल से पानी दिलाने की मांग की है। बताया कि दिन में पानी आने के कारण काम में व्यस्त लोग पानी नहीं भर पा रहे हैं। वहीं जल संस्थान के जेई अशोक भट्ट ने बताया कि पेयजल वितरण व्यवस्था जल्द सुधारी जाएगी।
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