अल्मोड़ा। रोडवेज डिपो में चालकों की कमी के कारण यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। चालकों की किल्लत के चलते रोडवेज की सायंकालीन देहरादून की दो सेवाओं में से शाम पांच बजे वाली बस सेवा को स्थगित करना पड़ा। इसके बाद जैसे ही छह बजे की बस माल रोड पर पहुंची उसमें सीट पाने के लिए यात्रियों की भीड़ टूट पड़ी।
जिला मुख्यालय स्थित रोडवेज डिपो में स्टाफ विशेषकर चालकों की कमी का सीधा असर अब रोडवेज की बसों के संचालन पर पड़ने लगा है। मंगलवार शाम को देहरादून जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा जब चालकों की अनुपलब्धता के कारण शाम पांच बजे की देहरादून सेवा को निरस्त करना पड़ा।
इसके बाद शाम छह बजे जब देहरादून की दूसरी बस माल रोड स्थित पुराने स्टेशन के पास पहुंची तो पहले से इंतजार कर रहे यात्रियों के बीच बस में चढ़ने को लेकर आपाधापी मच गई। सीट पाने के लिए यात्री बस पर टूट पड़े। यात्रियों ने रोडवेज प्रबंधन से चालकों की कमी को दूर कर बस सेवाओं को नियमित रूप से संचालित करने की मांग की है। इधर, रोडवेज के एजीएम धर्मानंद जोशी ने बताया कि बस के संचालन के प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामीण रूटों पर बसों का संचालन ठप, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
बागेश्वर। जिले के आंतरिक और ग्रामीण रूटों पर केमू की यात्री बसों का नियमित संचालन न होने से ग्रामीणों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। जिले के कई ऐसे ग्रामीण मार्ग हैं जिनके लिए केमू के पास बाकायदा परमिट स्वीकृत हैं, इसके बावजूद परिवहन सेवाएं ठप पड़ी हैं।
वर्तमान में केमू प्रबंधन की ओर से अधिकतर बसों का संचालन केवल जिला मुख्यालय से ही किया जा रहा है जबकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले आंतरिक रूट उपेक्षा के शिकार हैं। ग्रामीण अंचलों में समय पर बस सेवा उपलब्ध न होने से दैनिक यात्रियों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को मजबूरन महंगी टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि केमू प्रशासन की मनमानी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। परमिट होने के बाद भी बसों का संचालन न करना यात्रियों के अधिकारों का हनन है।
कुछ आंतरिक और ग्रामीण रूटों पर सवारियां काफी कम संख्या में मिलती हैं जिससे बस संचालन में आर्थिक नुकसान होता है। इसके अलावा कई बार संबंधित रूटों के लिए गाड़ियां उपलब्ध न होने के कारण सेवाओं का नियमित संचालन प्रभावित होता है। ग्रामीण रूटों पर परिवहन सेवा को सुचारू बनाने और व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। -देवेंद्र रावत, स्टेशन प्रभारी, केमू, बागेश्वर