मौलेखाल(अल्मोड़ा)। डभरा-सौराल क्षेत्र में बाघ के हमले में नवविवाहिता की मौत की घटना को आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन वन विभाग अब तक किसी बाघ या तेंदुए को नहीं पकड़ सका है। ग्रामीण गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बाघ और तेंदुए दिखने का दावा कर रहे हैं। सोमवार को बेलम तोक में दिनदहाड़े गांव के रास्ते पर बाघ के दिखने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इससे लोगों में दहशत बढ़ गई है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए वन विभाग ने डभरा-सौराल, तड़म ग्रामसभा और काठ की नाव क्षेत्र में अभियान तेज किया है। विभाग के अनुसार बाघ को पकड़ने के लिए छह पिंजरे, 31 कैमरा ट्रैप, दो लाइव कैमरे और दो ड्रोन लगाए गए हैं। टीमों द्वारा लगातार गश्त की जा रही है। रेस्क्यू के लिए छह एनाइडर, सात फाक्स लाइट, राइफल और गांधी बंदूक समेत अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कॉर्बेट की विशेषज्ञ और डॉक्टरों की टीम भी सहयोग कर रही है। हालांकि वन विभाग के कैमरों में तेंदुए की गतिविधियां अब तक कैद नहीं हो सकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार वन्यजीव गांव में धमक रहे हैं। आसपास के गधेरों और रास्तों पर बाघ घूम रहा है, लेकिन विभाग की टीम के हाथ अब तक खाली हैं। बाघ को पकड़ा नहीं गया तो खतरा बढ़ता जाएगा।
कोट
मोहान वन क्षेत्र के ग्राम सभा डबरा सौराल, तड़म, काठ की नाव क्षेत्र में मानव वन्यजीव संघर्ष रोकथाम के लिए टीमें निगरानी कर रही हैं। लगातार क्षेत्र में कैंप, गश्त चल रहा है। उपकरणों के मदद से भी वन्यजीव को ट्रैप करने और पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
काकुल पुंडीर, एसडीओ, वन विभाग