प्रदेश के दुग्ध और सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा है कि पशुपालन और दुग्ध उत्पादन पहाड़ से पलायन रोकने में कारगर होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन 2.13 लाख लीटर से बढ़ाकर पांच लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है। प्रदेश में जल्द ही मुख्यमंत्री कामधेनु योजना शुरू होगी। अगले दो वर्ष में उत्तराखंड पशुधन में आत्मनिर्भर होगा। रावत दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. के 59 वें वार्षिक सामान्य निकाय अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। अधिवेशन में दुग्ध संघ का 23.50 करोड़ का वार्षिक बजट पारित किया गया। उन्होंने दुग्ध संघ को बॉयलर देने की भी घोषणा की।
डॉ. रावत ने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई तब प्रदेश के 11 दुग्ध संघों में से नौ घाटे और दो दुग्ध संघ ही फायदे में थे। अब मात्र दो दुग्ध संघ अल्मोड़ा और पौड़ी ही घाटे में हैं। दुग्ध उत्पादन प्रतिदिन 1.23 लाख लीटर से बढ़कर 2.13 लाख लीटर हो गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए चार लाख किसानों को एक-एक लाख रुपये का ऋण दो फीसदी ब्याज पर जिला सहकारी बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसे बढ़ाकर दो लाख किया जाएगा। दिसंबर तक दो लाख किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। प्रदेश में 10 लीटर से अधिक दुग्ध उपार्जन करने वाली समितियों को 1800 डीपीएमसी मशीन दी जाएंगी। 2700 इंसुलेटेड केन, 1350 डीप फ्रीजर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 40 समितियों को कंप्यूटरीकृत किया गया है। इस वर्ष 100 समितियों को कंप्यूटरीकृत करने का लक्ष्य है। समिति सचिवों के मानदेय के लिए 50 पैसे प्रति लीटर देने का शासनादेश जारी कर दिया गया है। यह जनवरी से लागू होगा। कृषि, उद्यान, पशुपाल, दुग्ध और सहकारिता विभाग का कलस्टर बनाकर ग्रामीणों को लाभान्वित किया जाएगा।
जल्द शुरू होने वाली मुख्यमंत्री कामधेनु योजना के तहत डेरी खोलने पर सामान्य वर्ग को 25 फीसदी और अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को 35 फीसदी सब्सिडी मिलेगी। गंगा गाय योजना को भी बढ़ावा दिया जाएगा। पहले चरण में रुद्रप्रयाग जिले को आर्गनिक बनाने का सरकार का लक्ष्य है। दुग्ध समितियों का भुगतान ऑन लाइन बैंकिंग के माध्यम से किया जाएगा। विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा कि दुग्ध संघ को घाटे से उबारने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
दुग्ध संघ के अध्यक्ष कुंवर सिंह गोसाईं ने संघ की उपलब्धियां और समस्याओं की जानकारी मंत्री के सम्मुख रखी। उत्तराखंड कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन के अध्यक्ष राजबीर सिंह, प्रधान प्रबंधक डा. एलएम जोशी, पूर्व अध्यक्ष दीप सिंह डांगी, शिवराज बनौला, आनंद सिंह नेगी आदि ने विचार रखे। संचालन अरुण नगरकोटी ने किया। इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विवि के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव, जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव, सीडीओ मयूर दीक्षित, उपाध्यक्ष भावना जोशी, जयबल्लभ उप्रेती, ब्रह्मानंद डालाकोटी, नंदना नेगी, प्रेमा देवी, नंदन सिंह, पशु आहार प्रबंधक डा. एचएस कुटौला, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद पिलख्वाल, पूर्व जिलाध्यक्ष ललित लटवाल, रमेश बहुगुणा, अरविंद बिष्ट, कैलाश गुरुरानी आदि उपस्थित थे।
समितियां और दुग्ध उत्पादक पुरस्कृत
अधिवेशन में दुग्ध मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाली समितियों को पुरस्कृत किया। जिसमें भटकोट, गैराड़, देवलीखेत समितियों के अलावा हंसी देवी, माधवी देवी, मोहनी देवी को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर गंगा गाय योजना के 15 लाभार्थियों को 20-20 हजार के चेक वितरित किए गए। डीपीएमयू योजना के अंतर्गत दो समितियों सोनी और डालाकोट को सीपीएमयू मशीन प्रदान की गई। पंतगांव दुग्ध शमिति के सचिव की मृत्यु होने पर उनकी पत्नी को आर्थिक सहायता का 21500 रुपये का चेक प्रदान किया गया।
पहाड़ी गाय का दूध अमृत
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि परंपरागत पहाड़ी गाय (बदरी गाय) का दूध अमृत (एटू मिल्क) माना जाता है। बदरी गाय के दूध को पेटेंट कराने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। साथ ही सरकार बदरी गाय को पालने के लिए अधिक से अधिक पशुपालकों को प्रोत्साहित करेगी।