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इंजीनियरिंग की पढ़ाई में रुझान घट रहा है युवाओं का

Thu, 11 Aug 2016 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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रोजगार के अवसर घटने से इंजीनियरिंग की पढ़ाई से युवाओं का मोह भंग हो रहा है। हालत यह है कि दो बार काउंसिलिंग हो जाने के बावजूद बिपिन चंद्र त्रिपाठी कुमाऊं इंजीनियरिंग कालेज में कुल 420 सीटों में से 128 सीटें खाली रह गई हैं। जबकि एमटेक में 54 से से 38 सीटें खाली पड़ी हैं। अब तीसरी काउंसलिंग कालेज स्तर पर होगी। जिसमें इन सीटों को भरने का प्रयास किया जाएगा। बीते साल भी इंजीनियरिंग कालेज में आखिरी काउंसलिंग के बाद करीब 40 से

अधिक सीटें खाली रह गई थीं। इस साल इससे भी अधिक सीटें खाली रह जाने की आशंका है।  
बिपिन चंद्र त्रिपाठी कुमाऊं इंजीनियरिंग कालेज में सात ट्रेडों में कुल 420 सीटें स्वीकृत हैं। इनके लिए उत्तराखंड टेक्निकल विवि के माध्यम से दो बार काउंसलिंग हो चुकी है और अभी  तक मात्र 292 छात्र-छात्राओं ने ही प्रवेश लिया है। तीन ट्रेडों में  संचालित एमटेक की 54 सीटों में मात्र 16 प्रवेश हुए हैं। 38 सीटें अभी भी  खाली हैं। एमसीए में 12 सीटों के सापेक्ष मात्र आठ प्रवेश  हो पाए हैं। सिविल इंजीनियरिंग की 60 में से 14, इलेक्ट्रानिक की 60 में  से 18,
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मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 60 में से 12, केमिकल की 60 में से 22,  बायोकेमिकल की 60 में से 34, कंप्यूटर इंजीनियरिंग की 60 मेें से 11,  इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 60 में से 17 सीटें खाली हैं।
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 कुल  मिलाकर 292 प्रवेश हुए हैं और 128 सीटें खाली हैं। बीते दो तीन सालों से इंजीनियरिंग की पढ़ाई में युवाओं का रुझान कम हो रहा है। बताया गया है कि पिछले साल भी कुमाऊं इंजीनियरिंग कालेज द्वाराहाट में करीब 40 से अधिक सीटें खाली रह गई थीं। हालांकि इनमें अधिकांश सीटें आरक्षित वर्ग की थीं। इधर इंजीनियरिंग कालेज के निदेशक डा. आरके सिंह ने बताया कि तीसरी काउंसलिंग शीघ्र ही कालेज स्तर पर  होगी जिसमें अधिकांश सीटें भर जाने की उम्मीद है। 
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