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Almora News: आईएमपीसीएल के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का धरना जारी

Tue, 09 Jun 2026 12:04 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। आयुष मंत्रालय के अधीन संचालित देश की एकमात्र सरकारी आयुर्वेदिक एवं यूनानी दवा निर्माण इकाई आईएमपीसीएल में प्रस्तावित निजीकरण का विरोध जारी है। कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन सोमवार को आठवें दिन भी चलता रहा। आंदोलन के चलते फैक्ट्री का कार्य करीब दो घंटे तक प्रभावित रहा।
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आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि सरकार द्वारा कंपनी का लगभग 121 करोड़ रुपये में निजीकरण किए जाने के निर्णय से उनके रोजगार पर संकट मंडरा रहा है। फैक्ट्री में करीब 500 कर्मचारी कार्यरत हैं जबकि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों परिवारों की आजीविका इस संस्थान पर निर्भर है।
कर्मचारियों ने बताया कि आईएमपीसीएल देश की एकमात्र सरकारी कंपनी है जो आम जनता को सस्ती आयुर्वेदिक और यूनानी दवाएं उपलब्ध कराती है। उनका कहना है कि निजीकरण होने पर न केवल कर्मचारियों का भविष्य प्रभावित होगा, बल्कि आम लोगों को भी इसका असर झेलना पड़ सकता है। कर्मचारियों ने यह भी दावा किया कि कंपनी लगातार वर्षों से करोड़ों रुपये का मुनाफा अर्जित कर रही है।
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एक जून से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना लगातार जारी है। निजीकरण के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कर्मचारियों को समर्थन दिया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से निजीकरण के फैसले पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेने की मांग की।
सोमवार को धरना स्थल पर महिला एकता मंच रामनगर की कौशल्या देवी, ललिता रावत, सरस्वती जोशी, जगमोहन सिंह रावत, प्रदीप सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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