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Almora News: अल्मोड़ा में पेंशन के लिए सड़क पर उतरे कर्मचारी

Sun, 16 Apr 2023 10:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर नंदा देवी परिसर में सभा करते कर्मचारी। संवाद
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अल्मोड़ा। पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए जिले भर के कर्मचारी जिला मुख्यालय पहुंचकर सड़क पर उतरे। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नंदा देवी मंदिर से चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क तक सांविधानिक मार्च निकाला। कर्मचारियों ने कहा कि पेंशन उनका हक है। विधायक, सांसदों की पेंशन लगातार बढ़ रही है लेकिन अपनी उम्र जनता की सेवा में गुजारने वाले कर्मियों को पेंशन देने से हाथ पीछे खींचे जा रहे हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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रविवार को पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के बैनर तले जिले के विभिन्न कर्मचारी संगठनों से जुड़े एक हजार से अधिक कर्मचारी नंदा देवी मंदिर में एकत्र हुए और सभा की। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार इससे किनारा कर उनके हितों की अनदेखी कर रही है। पेंशन उनके भविष्य की गारंटी है लेकिन उनके इस हक पर सरकार ने रोक लगा दी है। वहीं उनके हक के इस रुपये को पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि पूंजीपतियों का करोड़ों रुपये का ऋण माफ किया जा रहा है लेकिन जीवन भर जनता की सेवा करने वाले कर्मचारियों को पेंशन नहीं दी जा रही है। सरकार ने नई पेंशन स्कीम लागू कर अपने बचाव का तरीका निकाला है जो कर्मचारियों के हित में नहीं है। यदि नई पेंशन योजना की व्यवस्था सही है तो सबसे पहले इसे विधायक और सांसदों पर लागू करना चाहिए।
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इसके बाद कर्मचारियों ने नगर में चौघानपाटा तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सांविधानिक मार्च निकाला। मार्च के समापन पर एसडीएम सदर गोपाल सिंह चौहान के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए पुरानी पेंशन बहाली की मांग की गई। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पुरानी पेंशन बहाल नहीं की गई तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। संचालन राजू मेहरा ने किया। संवाद

सभा और मार्च में ये रहे शामिल
पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के जिलाध्यक्ष गणेश भंडारी, मंत्री भूपाल सिंह चिलवाल, मनोज कुमार जोशी, कुलदीप बिष्ट, प्रेम प्रकाश जोशी, कैलाश जोशी, अजर परवीन, प्राथमिक शिक्ष संघ अध्यक्ष किशोर जोशी, डॉ. गिरजा भूषण जोशी, जगदीश भंडारी, डीके जोशी, मीनाक्षी जोशी, मंजू शर्मा, हिमांशु तिवारी, शीतल सत्यपाल, भाष्कर जोशी, कुलदीप सिंह, राधा लसपाल, सुनीता महर, मीना गिरी, निर्मला मेहता, जानकी बिष्ट, अंजलि साह सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।

बोले कर्मचारी
पेंशन हर कर्मचारी का हक है लेकिन सरकार ने इसे बंद कर दिया। एक दिन के कार्यकाल में विधायक, सांसदों को जीवन भर पेंशन मिलती है। वहीं जनता के सेवक के रूप में काम करने वाले कर्मचारियों को उनके हक से वंचित किया जा रहा है। - भूपाल चिलवाल, जिला मंत्री, पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन।

हम अपना हक लेकर रहेंगे। सरकार ने नई पेंशन नीति लागू कर कर्मचारियों के साथ धोखा किया है जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुरानी पेंशन बहाली नहीं हुई तो सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। - नितेश कांडपाल, मीडिया प्रभारी, पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन।

लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली की मांग के बाद भी सरकार कर्मचारियों की मांग पर कोई अमल नहीं कर रही है। अब हर कर्मचारी अपना हक लेकर रहेगा। पुरानी पेंशन बहाल होने तक आंदोलन जारी रहेगा। - जगदीश भंडारी, जिला मंत्री, प्राथमिक शिक्षक संघ, अल्मोड़ा।

विधायक और सांसदों की पेंशन लगातार बढ़ रही है लेकिन पूरी उम्र जनता की सेवा करने वाले कर्मचारियों का हक छीना जा रहा है। पेंशन के लिए हर कर्मचारी सड़कों पर उतरेगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। - देवेश बिष्ट, शिक्षक।

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बागेश्वर में नई पेंशन योजना के दस्तावेज सरयू में बहाए
पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए कर्मचारियों ने मार्च निकाला
संवाद न्यूज एजेंसी

बागेश्वर। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन संगठन के बैनर तले पुरानी पेंशन से वंचित कर्मचारियों ने नगर में जबरदस्त मार्च निकाला। नई पेंशन योजना का विरोध करते हुए पेंशन योजना के दस्तावेज सरयू नदी में बहाए।

संगठन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र पालनी के नेतृत्व में बागनाथ घाट में एकत्र कर्मचारियों ने तहसील परिसर तक मार्च निकाला। मार्च के दौरान पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर नारेबाजी भी की। कर्मचारी जो राष्ट्रहित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा आदि नारे लगा रहे थे। तहसील परिसर में हुई सभा में कर्मचारियों ने कहा कि पेंशन किसी भी कर्मचारी का पहला हक है।
वक्ताओं ने कहा कि नई पेंशन योजना को शेयर बाजार पर निर्भर कर दिया है। 30-40 साल सेवा देने के बाद कर्मचारियों को पेंशन से वंचित करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। कर्मचारियों ने एक स्वर से कहा कि पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू होने तक संघर्ष जारी रखा जाएगा। मार्च में कमलेश कुमार, महिपाल कपकोटी, गोविंद ऐठानी, विवेक पांडेय, आनंद चौहान, हरेंद्र सिंह रावल, संजय पंत, नारायण सिंह किरमोलिया, भरत सिंह नेगी, रमेश रावत समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
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