समान कार्य, समान वेतन देने सहित तमाम मांगों को लेकर बीटीकेआईटी के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने आंदोलन तेज कर दिया है। उपेक्षा से नाराज कर्मचारियों ने कॉलेज के प्रशासनिक भवन में तालाबंदी कर दी और नारेबाजी के साथ वहां धरने पर बैठ गए। बाद में रजिस्ट्रार एससी सरकार ने कर्मचारियों से वार्ता कर उनकी बातों को निदेशक के सम्मुख रखने का आश्वासन दिया, इसके बाद दोपहर डेढ़ बजेे ताले खोल दिए गए। इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की कॉलेज के निदेशक से वार्ता के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया।
मालूम हो कि इंजीनियरिंग कॉलेज के 29 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी नियमितीकरण और समान कार्य समान वेतन देने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। पिछले नौ दिनों से संस्थान परिसर में धरना प्रदर्शन भी चल रहा है। इस बीच कॉलेज प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सुबह साढ़े 10 बजे प्रशासनिक भवन में तालाबंदी कर दी, इस दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स भी मौजूद रहा। इससे कालेज प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। बाद में रजिस्ट्रार एससी सरकार ने कर्मचारियों से वार्ता की, कहा कि छात्र छात्राओं के प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। उनकी बातों को निदेशक के सम्मुख रखा जाएगा। बाद में डेढ़ बजे ताले खोल दिए गए। संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र रावत के नेतृत्व में धरना बदस्तूर चलता रहा। वक्ताओं ने कहा कि पिछले 25 सालों से पूर्ण मनोयोग से कार्य करने के बावजूद उनकी मांगों की अनदेखी हो रही है। कॉलेज प्रशासन सरकार के निर्णयों को मानने के लिए भी राजी नहीं है। इस बार मांगें पूरी होने तक आंदोलन चलेगा। इधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की कॉलेज के निदेशक से वार्ता के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया। इससे पहले धरने को समर्थन देने के लिए काफी संख्या में वहां लोग पहुंचे। इस दौरान नायब तहसीलदार सतीश बर्थवाल, थानाध्यक्ष अशोक कुमार आदि थे।