अल्मोड़ा जिले में तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों ने यूनिफाईड पेंशन योजना (यूपीएस) और राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के विरोध में बांह में काला फीता बांधकर काला दिवस मनाया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की।
पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (एनएमओपीएस) के बैनर तले मंगलवार को जिले में शिक्षकों और कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया। अपने-अपने संस्थानों में नई पेंशन योजना का विरोध किया। उत्तराखंड बोर्ड उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन केंद्र जीजीआईसी अल्मोड़ा में भी शिक्षकों ने विरोध जताया। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने पुरानी पेंशन को कर्मचारियों और शिक्षकों के हित में बताते हुए इसे जल्द लागू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि एनपीएस और यूपीएस कतई स्वीकार्य नहीं है। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। वहां एनएमओपीएस के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष राजू महरा, जिलाध्यक्ष गणेश भंडारी, जिला मंत्री भूपाल सिंह चिलवाल, धीरेंद्र पाठक, मनोज कुमार जोशी, नितेश कांडपाल, दीप पांडे, जगदीश भंडारी, डीके जोशी, दीपक तिवारी, कैलाश नयाल, खुशहाल महर, हेमा बहुगुणा, हिमांशु तिवारी आदि मौजूद रहे।
पेंशन हमारा हक, उसे लेकर रहेंगे
अल्मोड़ा सीईओ कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों, शिक्षकों का हक है। उसे लेकर रहेंगे। पुरानी पेंशन जल्द बहाल की जाए। वहां एजुकेशनल मिनिस्टीरियल ऑफिसर्स एसोसिएशन के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष पुष्कर सिंह भैसोड़ा, सुरेश जोशी, मुकेश पांडे, राजन नेगी, तारा जोशी, दुर्गा नेगी, महेंद्र भोज, देवेंद्र पाठक, ज्योति आर्य, पुष्पा कांडपाल, शालिनी शुक्ला, बलवंत तडागी आदि मौजूद रहे।