द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पिछले 25 से 30 वर्षों से कार्यरत दैनिक एवं नियत वेतनभोगी कर्मचारियों ने विनियमितीकरण की मांग के लिए एक बार फिर आंदोलन का ऐलान कर दिया है। संस्था परिसर में आयोजित बैठक के बाद कर्मचारियों ने निदेशक को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द कार्रवाई न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।
कर्मचारियों का कहना है कि कई बार मौखिक और लिखित रूप से मांग की जा चुकी है, लेकिन लंबे समय बाद भी उनका विनियमितीकरण नहीं किया गया। उत्तराखंड सरकार की विनियमितीकरण नियमावली में स्पष्ट प्रावधान है कि 4 दिसंबर 2018 तक लगातार 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके दैनिक एवं नियत वेतनभोगी कर्मचारियों को विनियमितीकरण का लाभ दिया जाना चाहिए, जबकि संस्था में कई कर्मचारी 25 से 30 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं।
कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र विनियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो संगठन के सदस्य 4 जून को निदेशक कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर 5 जून से संस्थान के प्रशासनिक भवन परिसर में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार, धरना-प्रदर्शन, क्रमिक एवं आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में दैनिक नियत वेतनभोगी कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र रावत, महामंत्री गणेश अधिकारी, कुंदन रावत, रुबी देवी, जसूली देवी, नरेश कुमार, शंकर सिंह, गोपाल उपाध्याय, दिवान सिंह, सावित्री देवी, मदन पाल, नंदा बल्लभ उपाध्याय और कुंवर राणा सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।