अल्मोड़ा। राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर शनिवार को राजकीय संग्रहालय सभागार में प्रेस की बदलती प्रकृति विषय पर गोष्ठी हुई। वक्ताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), डिजिटल टेक्नोलॉजी और अन्य साधनों के प्रयोग के साथ मीडिया की विश्वसनीयता, मर्यादा एवं प्रतिष्ठा को बनाए रखने पर जोर दिया।
वक्ताओं ने कहा कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है। यह परिवर्तन पत्रकारिता में भी स्वाभाविक है। वर्तमान में बदलती पत्रकारिता के साथ-साथ पत्रकारिता की गरिमा और इसकी विश्वसनीयता को कायम रखते हुए कार्य करना होगा। वरिष्ठ पत्रकार जगदीश जोशी की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में रमेश जोशी, चंद्रशेखर द्विवेदी, किशन जोशी, प्रकाश चंद्र पांडे, सुरेश तिवारी, कंचना तिवारी, दया कृष्ण कांडपाल ने विचार रखे। संचालन प्रभारी जिला सूचना अधिकारी सुंदर कुमार ने किया। वहां मुकेश सक्टा, अशोक पांडे, हरीश भंडारी, नसीम अहमद, निर्मल उप्रेती, एसएस कपकोटी, जगजीवन बिष्ट, शिवेंद्र गोस्वामी, संतोष बिष्ट आदि मौजूद रहे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के उदय से हुआ खबरों की पहुंच का विस्तार : कुमार
बागेश्वर। जिला सूचना अधिकारी कार्यालय सभागार में राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। मीडिया कर्मियों ने वर्तमान में डिजिटल मीडिया के उदय के बाद आए बदलाव पर चर्चा की।
जिला सूचना अधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि हाल के वर्षों में मीडिया में बड़ा परिवर्तन आया है। सोशल मीडिया, ब्लॉग और पॉडकास्ट सहित डिजिटल प्लेटफॉर्म के उदय ने पारंपरिक भौगोलिक बाधाओं को तोड़ते हुए समाचारों की पहुंच का विस्तार किया है। कार्यक्रम में उपस्थित मीडिया कर्मियों ने कहा कि डिजिटल मीडिया ने दुनिया भर के दर्शकों को वास्तविक समय में समाचारों तक पहुंचने और विविध दृष्टिकोणों से जुड़ने में सक्षम बनाया है। इस मौके पर घनश्याम जोशी, सुरेश पांडेय, अशोक लोहुमी, हरीश नगरकोटी, हिमांशु गढि़या, योगेश नगरकोटी, संजय साह जगाती, महीप पांडेय, सुंदर सुरकाली आदि मौजूद रहे।