बुजुर्ग आमरण अनशनकारी को उठाकर अस्पताल ले जाते एसडीएम और अन्य।
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चिन्हीकरण की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों का आमरण अनशन जारी है। चार दिनों से अनशन पर बैठे 70 वर्षीय आंदोलनकारी मोहन सिंह रावत को प्रशासन ने लोगों के भारी विरोध के बावजूद उठा लिया। उनके स्थान पर अब चौखुटिया के राज्य आंदोलनकारी 46 वर्षीय राम सिंह बोरा अनशन पर बैठे। इधर आंदोलन को लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है। आंदोलनकारियों ने मांग पूरी होने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने का एलान किया है।
70 वर्षीय राज्य आंदोलनकारी मोहन सिंह रावत चौथे दिन भी आमरण अनशन पर बैठे। उनके स्वास्थ्य में भारी गिरावट आने लगी थी, शाम साढ़े चार बजे एसडीएम फिंचा राम चौहान और नायब तहसीलदार सतीश बर्थवाल वहां दलबल के साथ पहुंचे और अनशन तोड़ने की अपील की, इस पर आंदोलनकारी भड़क गए। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने के बाद ही अनशन समाप्त किया जाएगा।
लोगों के विरोध के बीच ही प्रशासन की टीम ने आमरण अनशनकारी को उठा लिया। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वाराहाट में भर्ती करा दिया गया है। इस दौरान आंदोलनकारियों ने वहां जमकर नारेबाजी की और विरोध जताया। रावत के अनशन से उठने के बाद चौखुटिया से भाजपा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और राज्य आंदोलनकारी राम सिंह बोरा आमरण अनशन पर बैठ गए।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संगठन के अध्यक्ष मनोज अधिकारी, चंदन सिंह नेगी ने उनका माल्यार्पण किया। इस दौरान एमसी तिवारी, वीरेंद्र बजेठा सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। नगर पंचायत अध्यक्ष विमला शाह, हीरा सिंह बजेठा, देव सिंह अधिकारी, भीम सिंह किरौला, प्रेम सिंह नेगी, विमल शाह, जगत सिंह मनराल, लक्ष्मण सिंह जैंतवाल, गोपाल सिं अधिकारी, भगवत सिंह, बसंती कार्की आदि ने मौके पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन जताया। इससे पूर्व विधायक महेश नेगी से भी आंदोलनकारियों की दूरभाष पर वार्ता विफल रही। आंदोलनकारियों और आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी है।