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 अस्पताल की लिफ्ट में फंसने से आठ लोगों की जान सांसत में

Wed, 13 Mar 2019 12:05 AM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
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लिफ्ट को ठीक करते आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी। - फोटो : AMAR UJALA
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 मंगलवार दोपहर के समय जिला अस्पताल की लिफ्ट तकनीकी कारणों से बंद हो गई। लिफ्ट के अंदर मरीज समेत आठ लोग मौजूद थे। लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुलने से अंदर मौजूद लोगों में घबराहट हो गई और वह चिल्लाने लगे। इस दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। बाद में एसडीएम समेत आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। आपदा प्रबंधन अधिकारी की सूझबूझ से करीब एक घंटे बाद लिफ्ट का दरवाजा खुल पाया। इधर लोगों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर अस्पताल की लिफ्ट में तकनीशियन तैनात करने की मांग की। 
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 जिला सहकारी बैंक में कार्यरत एक महिला कर्मचारी की मंगलवार दिन में तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में कर्मचारी और परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इलाज के बाद जब महिला रोगी को वापस लिफ्ट से लाया जा रहा था तो शाम तीन बजे लिफ्ट अचानक बीच में अटक गई। लिफ्ट में तीन महिलाएं, चार पुरुष के अलावा अस्पताल का गार्ड भी मौजूद था।  लिफ्ट के अंदर मौजूद लोगों में हाहाकार मच गया। इस दौरान अस्पताल में काफी भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंचे जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ललित लटवाल ने तुरंत जिलाधिकारी, पुलिस को फोन किया। इस दौरान अस्पताल पीएमएस के साथ लोगों की तीखी नोकझोंक भी हुई। लोगों ने लिफ्ट में तकनीशियन तैनात करने की मांग की। बाद में एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी और कोतवाल अरुण वर्मा मौके पर पहुंचे। आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी ने काफी मशक्कत के बाद एक घंटे बाद करीब चार बजकर 11 मिनट में लिफ्ट को सुचारू कर दिया।  
इधर जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. प्रकाश वर्मा ने बताया कि तकनीकी कारणों से लिफ्ट फंस गई थी। जिसके कारण लोगों को दिक्कत हुई। उन्होंने बताया कि लिफ्ट ठीक करने के लिए तकनीशियन नहीं है। 
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दो साल पहले बगैर तकनीशियन के लगा दी लिफ्ट 
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में दो साल पहले लिफ्ट लगाई गई थी, लेकिन तकनीशियन तैनात नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में कभी भी मरीज के साथ कोई घटना घट सकती है। लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन को ऐसी स्थिति में लिफ्ट तकनीशियन को रखना चाहिए। एक साथ लिफ्ट में फंसे मरीज समेत आठ लोग जब बाहर निकले तो उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर उन्हें जमकर कोसा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें मांगे जाने पर पानी भी उपलब्ध नहीं कराया। 
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