अल्मोडा। जिले में स्वास्थ्य सेवा बदहाल है। आलम यह है कि जिले के सरकारी अस्पतालों में जनरल सर्जन के स्वीकृत नौ पदों के सापेक्ष आठ पद रिक्त हैं। इससे सर्जिकल सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। मरीजों को निजी अस्पतालों में सर्जरी करानी पड़ रही है। इससे उनकी जेब ढीली हो रही है।
जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उप जिला अस्पताल संचालित हैं। इन अस्पतालों में जनरल सर्जन के नौ पद सृजित हैं लेकिन एकमात्र पद पर तैनाती है। जनरल सर्जन पेट (एपेन्डिक्स, पित्ताशय, हर्निया), पाचन तंत्र, स्तन, थायरॉयड और त्वचा के कोमल ऊतकों से संबंधित बीमारियों का निदान और सर्जरी करते हैं। वे ऑपरेशन से पहले, उसके दौरान और बाद की देखभाल के विशेषज्ञ होते हैं, जो अक्सर लैप्रोस्कोपिक (न्यूनतम चीर-फाड़) तकनीक का उपयोग करते हैं। अस्पतालों में जनरल सर्जन की कमी के कारण सर्जिकल सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं जिससे मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है या निजी अस्पतालों में महंगे इलाज के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गंभीर मामलों में मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में मरीजों को अधिक परेशानी भुगतनी पड़ती है।
यहां रिक्त हैं जनरल सर्जन के पद
अस्पताल का नाम रिक्त पद
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वाराहाट 1
उप जिला अस्पताल चौखुटिया 1
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण 1
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौलादेवी 1
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लमगड़ा 1
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देघाट 1
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैंती 1
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शलंगी (उपराड़ी) 1
जनरल सर्जन के रिक्त पदों की जानकारी निदेशालय को भेजी गई है। इन पदों पर तैनाती शासन स्तर से ही की जाती है। इस संबंध में लगातार पत्राचार किया जाता है। - डॉ. प्रवीण कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी अल्मोड़ा।