अल्मोड़ा। संदिग्धावस्था में आठ माह की गर्भवती महिला फांसी के फंदे में झूलती मिली। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने महिला और पेट में पल रहे उसके बच्चे को मृत घोषित कर दिया। मायके वालों ने महिला को प्रताड़ित और परेशान करने के आरोप लगाए हैं। फिलहाल मामले की तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
लमगड़ा ब्लॉक के ग्राम मालता निवासी गायत्री देवी (24) पत्नी केशव राम शुक्रवार देर शाम अपने घर में थी। देर शाम काम से लौटे पति केशव और उनके पिता ने दोमंजिले कमरे का दरवाजा बंद पाया। काफी खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो खिड़की से झांका तो फांसी के फंदे से लटकी गायत्री नजर आई। केशव खिड़की की जाली काटकर किसी तरह कमरे में घुसा और 108 की मदद से उसे लेकर महिला अस्पताल अल्मोड़ा पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गायत्री को मृत घोषित कर दिया।
शुक्रवार सुबह बागेश्वर में अपने भाई के साथ रह रही गायत्री की मां गंगा देवी अन्य मायके वालों के साथ अस्पताल पहुंचीं। गायत्री की मां गंगा ने बताया कि बीते शुक्रवार को करीब छह बजे उन्होंने बेटी से बात की थी। गंगा देवी का आरोप है कि बेटी ने सास की ओर से उसे प्रताड़ित कर गाली गलौच करने की बात कही थी। फिलहाल मामले में पुलिस को तहरीर नहीं मिली है।