अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के संबंध में कलक्ट्रेट में हुई समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की प्रस्तुत कार्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बताया गया कि उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग ने जिले के आठ विकासखंडों को पलायन प्रभावित के रूप में चिह्नित किया है जिनके अंतर्गत कुल 78 ग्राम शामिल हैं।
इन चिह्नित ग्रामों में पलायन की समस्या के समाधान के लिए विभिन्न विभागों ने रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन, आधारभूत सुविधाओं के विकास और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से संबंधित कार्य योजनाएं तैयार की हैं। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने विभागवार प्रस्तुत योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावित कार्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाए ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हों। लोगों का पलायन रोका जा सके। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए और परिणामपरक कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करें और ग्रामीणों की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, पीडी डीआरडीए केएन तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।