अल्मोड़ा। जिले में इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। शीतलाखेत-अल्मोड़ा के बीच पैदल मार्गों पर व्यू प्वाइंट बनाने के लिए प्रभागीय वन क्षेत्राधिकारी महातिम यादव ने वन विभाग और एसएसजे परिसर के छात्रों के साथ रविवार को मार्ग का निरीक्षण किया। यहां व्यू प्वाइंटों को चिह्नित कर इको टूरिज्म के विस्तार को लेकर योजना बनाई।
रविवार को डीएफओ के नेतृत्व में टीम ने प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय अल्मोड़ा से खत्याड़ी, पौधार, सैनार, कोसी नदी, ग्राम चाण खूंट, धामस, नौला, सल्ला रौतेला होते हुए वन विश्राम गृह शीतलाखेत तक पैदल भ्रमण किया। डीएफओ ने बताया कि पद यात्रा का मुख्य उद्देश्य मार्ग में महत्वपूर्ण व्यू प्वाइंटों का निरीक्षण करना है। यात्रा के दौरान धामस में ग्राम प्रधान भरत बिष्ट, सरपंच पूरन सिंह, पूर्व प्रधान खीम सिंह, नौला प्रधान महेश चंद्र, सरपंच चंदन सिंह मेहरा, सल्ला रौतेलो में सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश पाठक, शीतलाखेत में स्याही देवी विकास मंच से जुड़े कार्यकर्ताओं ने पद यात्रियों का स्वागत किया।
पद यात्रा के दौरान ग्राम सौना में बीएल स्याही हल का प्रयोग करते हुए ग्रामीणों ने बताया कि यह लकड़ी के परपंरागत हल के मुकाबले हल्का और टिकाऊ है। हल के उपयोग से बांज के जंगलों का संरक्षण हो सकता है। बता दें कि स्याही देवी प्राकृतिक रूप से चौड़ी पत्ती के जंगल के लिए प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र में इको टूरिज्म गतिविधियों को आयाम देने के लिए योजना बनाई जा रही है। इसके लिए बर्ड वाचिंग, वाचर टावर निर्माण आदि कार्य प्रस्तावित हैं। इस मौके पर अनुभाग अधिकारी हरीश बिष्ट, लक्ष्मण सिंह नेगी, वन दरोगा भुवन लाल टम्टा, वन बीट अधिकारी त्रिभुवन उपाध्याय, कुबेर चंद्र आर्या, किरनत तिवारी, ललित, श्याम समेत एसएसजे के छात्र मौजूद रहे।