अल्मोड़ा। मौसम में अचानक आए बदलाव का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण कानों से संबंधित संक्रमण के मामले दिनोंदिन तेजी से बढ़ रहे है।
मेडिकल कॉलेज अधीन बेस अस्पताल में रोजाना 20 से अधिक मरीज इस परेशानी को लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक लगातार हो रही बारिश और नमी के चलते फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। यह समस्या खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक प्रभावित कर रही है।
ईएनटी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित आर्या ने बताया कि इन दिनों कान में खुजली, दर्द, सूजन और पस निकलने आदि समस्या होती है। बताया कि बारिश में भीगने के बाद कानों को अच्छी तरह सुखाना जरूरी है। लापरवाही सुनने की क्षमता प्रभावित कर सकती है।
लक्षण
कान में खुजली और जलन
तेज और हल्का दर्द
कान से पानी और पस आना
सुनने में परेशानी और भारीपन
कान में सूजन और लालिमा
सिर दर्द और बुखार
बचाव
- बारिश में भीगने के बाद कानों को अच्छी तरह सुखाएं
- गंदे पानी या तैराकी से बचें
- कान में कोई तीली या नुकीली वस्तु न डालें
- डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें
- लंबे समय तक हेडफोन और ईयरफोन का प्रयोग न करें