अल्मोड़ा। अप्रैल माह के आखिरी शनिवार को विद्यालयों में बस्ता मुक्त दिवस मनाया गया। बिना बस्ते के स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राएं खुश नजर आए। स्कूलों में शिक्षकों ने रचनात्मक कौशल, योग, व्यायाम, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों आदि से छात्र-छात्राओं को जीवन जीने की कला सिखाई। किसी ने ऐपण में हुनर दिखाया तो किसी ने आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस में हाथ आजमाया।
पीएमश्री जीआईसी पटलगांव में छात्र-छात्राओं ने ऐपण और कई उत्पाद बनाए। छात्र-छात्राओं ने ऐपण समेत अन्य उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण लिया। जीआईसी कमलेश्वर में हाईस्कूल पास कर 11वीं में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। संगीता पंत और चंद्र प्रकाश बिष्ट के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं को वर्चुअल लैब, स्मार्ट क्लास में ज्ञानवर्धक चलचित्र दिखाए गए। प्रभारी प्रधानाचार्य खजान चंद्र कांडपाल ने छात्र-छात्राओं से नए-नए कौशल सीखकर सर्वांगीण विकास करने की अपील की। छात्राओं ने रास्तों की सफाई की। वहां संगीता पंत, रेणुका जोशी, सवित जनौटी, गणेश जोशी, प्रातिका भटनागर, इंद्रा बिष्ट आदि मौजूद रहे।
पीएम श्री राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज हवालबाग में बैगलैस डे पर चित्रकला प्रतियोगिता हुई। डॉ. निर्मल कुमार पंत ने बच्चों को संगीत के गायन, वादन और कई वाद्य यंत्रों का संचालन करना सिखाया। प्रधानाचार्य डॉ. कपिल नयाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को बस्ता रहित दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसके तहत कईलोक कलाओं और लोक संस्कृति के आयामों, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस के महत्व और प्रयोग के बारे में बताया गया।
टीडी भट्ट ने संचार के तरीके बताए। शिक्षिका सुनीता बोरा ने कई लोक नृत्यों, लोक गीत, शास्त्रार्थ के बारे में बताया। वहां कमलेश जोशी, कार्यक्रम प्रभारी मदन सिंह, प्रदीप सलाल, प्रमोद पांडे, भगवत सिंह बगड़वाल, नवीन वर्मा, हिमांती टम्टा, भावना वर्मा, योगिता तिवारी, राकेश कुमार, रेखा आर्या, तृप्ति बोरा मौजूद रहे। संचालन संजय पांडे ने किया। अभिभावकों ने इसे एक सकारात्मक पहल बताया।