रानीखेत (अल्मोड़ा)। लोक चेतना मंच रानीखेत ने ‘’उत्तर हिमालयी क्षेत्रों में सामूहिक प्रयास से सतत विकास’’ परियोजना के तहत खिरखेत इंटर कॉलेज में लैंगिक समानता जागरूकता कार्यशाला आयोजित की। इस दौरान लैंगिक असमानता को दूर करने पर जोर दिया।
रानीखेत महाविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ. प्रीति सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज भले ही विकास कर रहा हो लेकिन लैंगिक असमानता आज भी कई स्तरों पर मौजूद है। बेटियों को शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है तो कहीं महिलाओं को कम वेतन मिलता है। उन्होंने कहा कि लैंगिक समता का मतलब है कि सभी लिंगों को समान अधिकार और सम्मान मिलना।
उनका कहना था कि लैंगिक संवेदनशीलता से समाज में करुणा, समझ और समावेशिता को बल मिलता है। वहां स्कूल के प्रधानाचार्य शेखर प्रसाद, कैलाश चंद्र बिष्ट, कृपाल सिंह, बिमला बिष्ट आदि मौजूद रहे।