रानीखेत (अल्मोड़ा)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत में बुधवार को विज्ञान संकाय एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की ओर से ''''पाइथन एवं उसके अनुप्रयोग'''' विषयक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मौजूदा तकनीकी युग में पाइथन जैसे प्रोग्रामिंग भाषा के महत्व से छात्र-छात्राओं को रूबरू कराया और इसका व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. डॉ. पुष्पेश पांडे ने दीप प्रज्ज्वलन से किया। मुख्य वक्ता असिस्टेंट प्रोफेसर (भौतिक विज्ञान) डॉ. प्रतीक शर्मा ने पाइथन की मूलभूत जानकारी के साथ इसके विज्ञान, तकनीक, डेटा विश्लेषण एवं एआई में अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम सचिव डॉ. प्रसून जोशी ने पाइथन को कई क्षेत्रों के लिए उपयोगी बताते हुए छात्र-छात्राओं से इसका व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला संयोजक डॉ. चंद्रशेखर पंत ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर चर्चा कर विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ ही राज्य के कई महाविद्यालयों से करीब 60 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन रूप में भाग लिया। प्रतिभागियों को व्यक्तिगत प्रशिक्षण भी दिया। इस मौके पर डॉ. निधि पांडे, डॉ. पारुल भारद्वाज, डॉ. आरती चौहान, डॉ. किरण पंत, डॉ. आशा उप्रेती, डॉ. महिराज मेहरा, डॉ. शंकर कुमार आदि मौजूद रहे।