अल्मोड़ा। अब केमिस्ट्री की प्रयोगशाला सिर्फ रिएक्शन और फॉर्मूले का अड्डा नहीं होगी। यहां से कॅरिअर की खुशबू उठेगी। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय ने एक ऐसी पहल की है जिससे छात्र-छात्राएं सुगंध की दुनिया में कदम रख सकेंगे। साथ ही अपने भविष्य को भी महकाने का मौका पाएंगे।
एसएसजे विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग में अब छात्रों को कॉस्मेटिक्स और परफ्यूम उत्पाद बनाने की बारीक ट्रेनिंग दी जाएगी। छात्र सिर्फ एसिड-बेस की थ्योरी नहीं पढ़ेंगे बल्कि हर्बल परफ्यूम, फेस क्रीम, शैंपू और अरोमा ऑयल जैसे उत्पाद खुद विकसित करना सीखेंगे। कक्षाओं में बैठकर परीक्षा पास करने के लिए फॉर्मूला याद करने के साथ ही फेस क्रीम के फार्मूले भी बनाएंगे। वे सुगंधित साबुन की रेसिपी लिखेंगे तो अरोमा ऑयल की खुशबू से अपना भविष्य रोशन करने के गुर भी सीखेंगे। यह कोर्स स्किल्स बढ़ाने के साथ उन्हें बाजार की मांग के अनुरूप भी तैयार करेगा।
उद्यमी बन सकेंगे पहाड़ी युवा
इस पहल का मकसद सिर्फ डिग्री देना नहीं बल्कि छात्रों को आत्मनिर्भर बनाना भी है। प्रशिक्षण लेकर उनके लिए स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे। इस उद्योग से जुड़ीं कंपनियों में भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विश्वविद्यालय की इस पहल से स्टूडेंट्स स्टार्टअप शुरू कर सकेंगे। खासकर स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके इससे पहाड़ी क्षेत्रों में स्वदेशी उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ऐसे बढ़ेगा युवाओं का काैशल
यह कोर्स कौशल संवर्धन (स्किल डेवलपमेंट) के तहत शुरू किया जा रहा है। पहले और दूसरे सेमेस्टर में स्टूडेंट्स को कॉस्मेटिक इंडस्ट्री से जुड़ी बेसिक जानकारी दी जाएगी। तीसरे सेमेस्टर में वे स्वयं परफ्यूम और हर्बल ब्यूटी प्रोडक्ट तैयार करना सीखेंगे। इस कोर्स के लिए छात्रों को दो क्रेडिट भी मिलेंगे और इसे पास करना अनिवार्य होगा।
कोट
छात्र- छात्राओं को पढ़ाई के साथ ही स्वरोजगार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। कॉस्मेटिक्स और परफ्यूम उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण लेकर छात्र-छात्राओं के लिए इससे जुड़ीं कंपनियों में भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- प्रो. रुबीना अमान, विभागाध्यक्ष रसायन विज्ञान विभाग, एसएसजे परिसर अल्मोड़ा