अल्मोड़ा। एसएसजे विश्वविद्यालय में लंबे इंतजार के बाद स्नातक पांचवें सेमेस्टर के छात्र- छात्राओं का परिणाम तो घोषित हुआ लेकिन विवि प्रबंधन ने विद्यार्थियों के मेडिटेशन विषय के असाइनमेंट के अंक जोड़े बगैर ही परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। इसके चलते 200 से अधिक छात्र- छात्राएं परीक्षा में असफल हो गए। अब अंकतालिका में हुई गड़बड़ी दूर कराने विद्यार्थी विश्वविद्यालय के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।
एसएसजे विश्वविद्यालय ने पांचवें सेमेस्टर में सह पाठ्यक्रम के तौर पर मेडिटेशन विषय को शामिल किया जो एक क्वालीफाइंग विषय है। इस बार छात्र-छात्राओं ने 75 अंकों की मेडिटेशन विषय की परीक्षा दी और 25 अंकों का असाइनमेंट जमा किया। अंकतालिका में असाइनमेंट के अंक दर्ज नहीं हुए। विश्वविद्यालय ने इस विषय में सौ अंकों में से नार्मलाइजेशन के आधार पर छात्र- छात्राओं को अंक दिए। इससे विवि के अधीन परिसर और महाविद्यालयों के 200 से अधिक छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में फेल हो गए। छात्रों ने कहा कि मेडिटेशन विषय क्वालीफाइंग पेपर है। इसमें पूर्व में 33 प्रतिशत अंक मिलने पर छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण माने जाते थे लेकिन इस बार 40 फीसदी अंक पाने वाले छात्र- छात्राएं ही परीक्षा में सफल हुए हैं। इससे नाराज छात्र-छात्राओं ने विवि प्रबंधन से 33 प्रतिशत अंक पाने वाले छात्र- छात्राओं को उत्तीर्ण घोषित करने की मांग उठाई है।
परीक्षा समिति की बैठक में होगा निर्णय
अल्मोड़ा। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. नंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि छात्र हित में नार्मलाइजेशन के आधार पर परीक्षाफल जारी किया गया था। इसे विषय को लेकर बृहस्पतिवार को परीक्षा समिति की बैठक होनी है। इसमें तय किया जाएगा कि किस आधार पर परीक्षा में छात्र-छात्राओं को सफल या असफल घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्र- छात्राओं की समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान किया जाएगा।