अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर में आंतरिक परीक्षा देने के बाद भी 100 से अधिक छात्र-छात्राओं की अंकतालिका में शून्य अंक आए हैं। ऐसा इसलिए हुआ कि विभाग से आंतरिक परीक्षाओं के अंक नहीं मिलने पर बगैर अंक जुड़े ही विद्यार्थियों का परीक्षाफल घोषित कर दिया गया। इस लापरवाही का खामियाजा छात्र-छात्राएं भुगत रहे हैं और अंकतालिकाओं में सुधार के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
एसएसजे परिसर में बीए पहले और तीसरे सेमेस्टर की हिंदी और राजनीतिक शास्त्र विषय की आंतरिक परीक्षाएं पिछले वर्ष नवंबर महीने में हुईं थीं। ये आंतरिक परीक्षाएं 25-25 अंक की थीं। विश्वविद्यालय की ओर से सेमेस्टर परीक्षाओं का फरवरी महीने में परिणाम घोषित कर दिया गया। विद्यार्थियों ने जब अपनी अंकतालिका देखी तो उसमें रिजल्ट अपूर्ण देख वे परेशान हो गए। पता करने पर मालूम चला कि एसएसजे परिसर के विभागों की ओर से समर्थ पोर्टल को 100 से अधिक छात्र- छात्राओं की आंतरिक परीक्षाओं के अंक ही नहीं भेजे गए। इस कारण आंतरिक परीक्षा के अंक नहीं जुड़ सके और रिजल्ट में उन्हें शून्य आया है। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी थी और उन्हें परीक्षाफल का इंतजार था लेकिन अंकतालिकाओं में उन्हें शून्य अंक मिलने से वे मायूस हैं। रिजल्ट में अपने अंक सही कराने के लिए वे एक विभाग से दूसरे विभाग की दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
संबंधित विभागों से छात्र- छात्राओं के अंक प्राप्त नहीं होने से समस्या पैदा हुई। विद्यार्थियों के अंक मिलने पर संशोधित अंकतालिका जारी की जाएगी।
- डॉ. मनोज कुमार बिष्ट, नोडल अधिकारी, एसएसजे विवि, समर्थ, अल्मोड़ा।