ताकुला विकासखंड के अंतर्गत धूराफाट क्षेत्र में सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। धूराफाट क्षेत्र में अस्पताल नहीं होने के कारण लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाती है। यहां के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए दस किमी दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताकुला जाना पड़ता है।
धूराफाट क्षेत्र के नाईढौल, झिझाड़, पोखरी, किरड़ा, गंगोलाकोटुली, थपनिया, शिलंगिया आदि गांवों में आज भी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। धूराफाट क्षेत्र में अस्पताल नहीं होने के कारण लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाती है। यहां के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए दस किमी दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताकुला जाना पड़ता है। किराये में ही काफी धन खर्च हो जाता है। इन गांवों को जोड़ने वाला बसौली-नाईढौल-झिझाड़ प्रमुख मार्ग है। छह साल बाद भी सड़क में डामर नहीं हुआ है। इस सड़क से यात्रा करना जोखिम भरा है। खासकर बरसात के मौसम में दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है।
शिक्षा व्यवस्था की स्थिति भी अच्छी नहीं है। जीआईसी नाई, भकूना में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। जीआईसी नाई में तो दस साल बाद भी विज्ञान वर्ग नहीं खुल सका है। बच्चों को विज्ञान की पढ़ाई करने के लिए पांच किमी दूर जीआईसी भकूना जाना पड़ता है। ग्राम प्रधान संगठन के सचिव मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि गांवों में आलू, गडेरी, पालक आदि सब्जियों का उत्पादन काफी मात्रा में किया जाता है, लेकिन सुअर सब्जियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसी कारण गांवों से पलायन बढ़ गया है।
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