शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मनमानी के चलते स्कूलों की दशा लगातार बिगड़ रही है। कई जगह अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक तैनात किया गया है दूसरी तरफ अधिकारियों ने अपने चहेतों को सुविधा दिलाने के लिए 10 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों में दो-दो शिक्षक तैनात कर रखे हैं।
बाड़ेछीना के निकट खासतिलाड़ी में स्थित प्राथमिक पाठशाला की पांच कक्षाओं में 32 बच्चे पढ़ रहे हैं, लेकिन यह विद्यालय सिर्फ एक शिक्षिका के सहारे चल रहा है। दूसरी तरफ इसी ब्लाक के प्राथमिक पाठशाला कालाकोटरी में सिर्फ एक बच्चा पढ़ रहा है, लेकिन वहां दो शिक्षक तैनात हैं।
इसी तरह प्राथमिक पाठशाला चंद्रकोट में चार बच्चे पढ़ रहे हैं, वहां भी दो शिक्षक तैनात हैं। इस तरह के कई उदाहरण और भी हैं। दरअसल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अपने चहेतों को सुविधा दिलाने के लिहाज से मोटर मार्गों के आसपास के स्कूलों में कम छात्र संख्या पर भी मानक से अधिक शिक्षक तैनात कर दिए हैं दूसरी तरफ दूरस्थ विद्यालयों में अधिक छात्र संख्या के बावजूद एक-एक शिक्षक ही रखे गए हैं।
लोगों का आरोप है कि अधिकारियों को बच्चों की पढ़ाई से कोई मतलब नहीं है। जानकारी के मुताबिक खासतिलाड़ी गांव में बीते दिनों हुई ग्राम सभा की बैठक में यह मुद्दा जोरशोर से उठा। ग्रामीणों ने प्राथमिक पाठशाला में तुरंत एक और शिक्षक तैनाता करने की मांग की।
बीडीसी सदस्य खिलानंद ने इस मुद्दे को लेकर उप खंड शिक्षाधिकारी से वार्ता भी की थी लेकिन आश्वासन के बावजूद आज तक शिक्षक नहीं भेजा गया। इधर ग्राम प्रधान अनिता तिलारा ने कहा है कि अगर शीघ्र स्कूल में एक और शिक्षक नहीं भेजा गया तो खंड शिक्षाधिकारी का घेराव किया जाएगा।