मुख्यमंत्री के ओएसडी को समस्याएं बताते कार्यकर्ता।
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जिला और नगरपालिका बनाने की मांग भाजपा कार्यकर्ताओं ने यहां मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) ऊर्वादत्त भट्ट के सम्मुख भी उठाई। कहा कि निशंक सरकार में घोषित जिलों को बनाया जाना जरूरी है। कई कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों द्वारा बात नहीं सुनने का मामला भी उनके सम्मुख उठाया। इस दौरान बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी तीन सौ से अधिक समस्याओं के निराकरण को लेकर ज्ञापन भी सौंपे गए। भट्ट ने कहा कि सरकार की तरफ से हर कार्यकर्ता का सम्मान किया जाएगा।
ऊर्बादत्त भट्ट का कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कैंट क्षेत्र होने के कारण क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो रहा है। व्यापार चौपट हो गया है। रानीखेत के सिविल एरिया को नगरपालिका में मिलाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की मांग भी उठाई गई। कहा कि कई अधिकारी कार्यकर्ताओं की बातों को गंभीरता से नहीं सुन रहे हैं। लोगों की समस्याओं को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। इस दौरान सौनी-ड्योड़ाखाल-तिपौला मोटर मार्ग पर डामर करने, पेयजल समस्याओं का निस्तारण करने, छूटे गांवों का विद्युतीकरण करने, इंटर कालेज खिरखेत में प्रवक्ताओं की नियुक्ति करने, रानीझील को विकसित कर वहां रोपवे लगाने, जंगल सफारी विकसित करने, प्राथमिक विद्यालय मनारी के क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत करने सहित तमाम समस्याएं उठाईं। पेंशन और आर्थिक सहायता संबंधी आवेदन भी आए। भट्ट ने कई समस्याओं का मौके पर निस्तारण कराया। कार्यक्रम में प्रभारी गोविंद पिलख्वाल, छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी, जिलाध्यक्ष अनिल शाही, मदन माहरा, प्रेम शर्मा, लक्ष्मण नेगी, घनश्याम भट्ट, राजेंद्र सिंह, मनोहर बिष्ट, नारायण सिंह, देवीदत्त बिष्ट, दर्शन बिष्ट, ध्यान सिंह नेगी, चंदन भगत, रोहित शर्मा, राजेंद्र रौतेला, धन सिंह, राम सिंह, ज्योति शाह सहित तमाम लोग मौजूद थे।