धौलछीना में रामलीला के दसवें दिन मेघनाथ वध, सुलोचना सती, अहिरावण-रावण संवाद, अहिरावण वध, राम-रावण युद्ध, रावण वध, मंदोदरी विलाप, विभीषण राजतिलक का मंचन हुआ।
उधर पनुवानौला में रामलीला शुरू हो गई है। मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने दसवें दिन महोत्सव का उद्घाटन किया।
कुंजवाल ने कहा कि युवा पीढ़ी भगवान राम के आदर्शों पर चले और भगवान राम की तरह आज्ञाकारी बनकर समाज में आदर्श प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि महान विद्वान होते हुए भी अहंकार के चलते रावण का अंत हुआ।
उन्होंने कमेटी के प्रयासों की सराहना की। रामलीला भवन निर्माण के लिए आरईएस को आगणन तैयार कर संस्कृति विभाग को भेजने के निर्देश दिए।
कमेटी के पदाधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष का स्वागत किया। संचालन बृजेश डसीला ने किया। उधर पनुवानौला में रामलीला का उद्घाटन मुख्य अतिथि सुभाष पांडे ने किया।
रावण, कुंभकर्ण, विभीषण द्वारा शिव आराधना, राम जन्म समेत अन्य प्रसंग मंचित किए गए। कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र बनौला, व्यवस्थापक बलवंत गैड़ा, कोषाध्यक्ष विनोद वर्मा, जगदीश सिंह गैड़ा, पप्पू साह, दीपक सुयाल, गोपाल मेहता, दीपक गैड़ा, देवेंद्र सिंह बिष्ट आदि उपस्थित थे।