दुग्ध उत्पादकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर पशु आहार में 50 फीसदी अनुदान देने की मांग की है। उन्होंने पांच महीने से दूध प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने पर नाराजी जताई है। आक्रोशित उत्पादकों ने कलक्ट्रेट प्रांगण में नारेबाजी भी की।
मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि सूखे और जंगलों में लगी आग से मवेशियों के लिए चारे की समस्या हो गई है। दुग्ध संघ द्वारा दिए जा रहे चारे के दामों में काफी बढ़ोतरी हो गई है। दुग्ध उत्पादकों ने 50 फीसदी अनुदान में पशुचारा उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उत्पादकों को दिसंबर 2015 से दूध प्रोत्साहन की राशि का भुगतान नहीं मिला है।
पशु विकास कोष से दी जाने वाली सहायता के मामले का निस्तारण दो सालों में भी नहीं हो सका है। कर्मचारियों का ईपीएफ खातों में जमा नहीं किया जा रहा है। उत्पादकों ने समितियों को हेडलोड 50 पैसा प्रति लीटर प्रति किमी करने की मांग की। 17 सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं होने पर उत्पादकों ने आंदोलन चलाने का ऐलान् किया है। नारेबाजी और ज्ञापन देने वालों में आनंद सिंह, शिराज सिंह बनौला, दान सिंह रावत, भुवन पुरोहित, नंदन सिंह, गिरीश खोलिया, गीता देवी, मोहन सिंह, जोगा राम, बहादुर राम, प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।