शरदोत्सव समिति की बैठक लेते संयुक्त मजिस्ट्रेट। अमर उजाला
- फोटो : RANIKHET
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत की स्थापना के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रस्तावित शरदोत्सव की उम्मीदों ने फिलहाल बारिश ने पानी फेर दिया है। लगातार बारिश की भविष्यवाणी के मद्देनजर अब प्रशासन ने शरदोत्सव को तीन अक्तूबर से शुरू कराने का निर्णय लिया है। पहले यह महोत्सव 30 सितंबर से शुरू होना था। कार्यक्रमों में भी फेरबदल कर दिया गया है।
बता दे कि 15 साल के लंबे अंतराल के बाद इस बार शरदोत्सव कराने की योजना बनी। इसके लिए 30 सितंबर की तिथि तय थी, मैदान भी सज चुका था, झूले चरखे आ चुके थे, लेकिन ऐन वक्त पर बारिश ने उम्मीदों ने पानी फेर दिया। पूरा मैदान कीचड़ से पट चुका है। हालांकि मैदान में स्टेज निर्माण और झूले चरखे सजाने का कार्य जारी है। इधर संयुक्त मजिस्ट्रेट ने विभिन्न समितियों से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जिसमें तय हुआ कि दो दिन और बारिश की भविष्यवाणी की गई है, अलबत्ता महोत्सव तीन अक्तूबर से शुरू कराया जाएगा।
30 सितंबर, एक अक्तूबर और दो अक्तूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम अब सात अक्तूबर, आठ अक्तूबर और नौ अक्तूबर को होंगे। संयुक्त मजिस्ट्रेट नरेंद्र भंडारी ने बताया बारिश के कारण जनता को भारी परेशानी होती, इसका सीधा असर कार्यक्रमों पर भी पड़ता, इसी कारण शरदोत्सव की तिथि को आगे बढ़ा दिया गया है। बैठक में सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष विमल सती, छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी, दीप भगत, हिमांशु उपाध्याय सहित तमाम लोग मौजूद रहे।