कुलदेवी की सादगी से पूजा करते साह चौधरी समाज के लोग
- फोटो : AMAR UJALA
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। चौधरी-साह समाज की आराध्य मां कुलदेवी की वार्षिक पूजा वैश्विक महामारी कोरोना के चलते सामाजिक दूरी बनाते हुए सादगी से मनाई गई। पूर्व में मां कुलदेवी की वार्षिक पूजा ढोल नगाड़े, निशानों के साथ मन्दिरों की परिक्रमा कर धूमधाम से मनाई जाती थी। पूजा में द्वाराहाट ब्लाक के विभिन्न क्षेत्रों और देश-प्रदेश के विभिन्न नगरों से चौधरी व साह समाज के लोग अपने परिजनों, मित्रों सहित इस पूजा में शिरकत करते थे। इस बार महामारी के चलते मात्र पांच-छह लोगों की उपस्थिति में वार्षिक पूजा की रस्म निभाई गई। इस बार विशाल भंडारे की जगह मात्र सवा किलो सूजी का प्रसाद व रोडभेट चढ़ाया गया। नगर के पास स्थित मां कुलदेवी मन्दिर में पण्डित कैलाश चन्द्र जोशी ने धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराये।कार्यक्रम के मुख्य यजमान गिरीश चौधरी व उषा चौधरी थे। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश चौधरी, अनिल चौधरी 'काकू', आशुतोष चौधरी, हरीश चौधरी, ललित चौधरी, विमला चौधरी, बबीता चौधरी, उषा चौधरी, पार्वती चौधरी आदि उपस्थित रहे।
बताते हैं कि, पौराणिक काल में चौधरी समाज का एक जत्था हिमांचल में स्थित कोट कांगड़ा से मां भवानी का डोला लेकर बद्रीनाथ की यात्रा पर जा रहा था और द्वाराहाट में इसी स्थान पर जत्थे ने रात्रि विश्राम किया। लेकिन प्रातः यात्रा की तैयारी में भवानी का ढोला उठाने के प्रयासों के बाद भी नहीं उठा। इस पर सभी ने प्रार्थना की।जिसके बाद माता ने दर्शन दिए व कहा भक्तों मुझे यह स्थान भा गया है ,मैं यहीं पर रहूंगी यह सुनकर चौधरी समाज ने एक परिवार को यहीं पर रखकर मां भवानी के मंदिर का निर्माण कर आगे को प्रस्थान किया। यही मंदिर मां कुलदेवी मंदिर के नाम से जाना जाता है।