शहर का युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में तेजी से जकड़ता जा रहा है। जांच में पता चला है कि शहर में दो सौ के अधिक युवा स्मैक के नशे के आदी हो चुके हैं। कई अन्य युवा और छात्र भी शौकिया तौर पर नशे का सेवन कर इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। नशाखोरी की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के पुलिस दावे करती है, लेकिन अवैध धंधेबाजों पर अंकुश नहीं लग रहा है।
नशे के रूप में जहर का कारोबार करने वाला गिरोह लंबे समय से शहर में सक्रिय है। पिछले दिनों पकड़े गए गिरोह के सदस्य से पूछताछ में मालूम हुआ है कि यह गिरोह वर्तमान में शहर में दो सौ से अधिक युवाओं को स्मैक की सप्लाई कर रहा है। स्मैक का सेवन करने वाले अधिकांश युवा 20 से 25 वर्ष के हैं। यह गिरोह रुद्रपुर से स्मैक लाकर आदी हो चुके युवाओं को सप्लाई करता है। धंधेबाज अब तक नशे से दूर रहने वाले युवाओं को भी नशाखोरी के लिए उकसा रहे हैं।
सूत्रों से मालूम हुआ है कि नशे के धंधेबाज रुद्रपुर से आधा ग्राम स्मैक की पुडिय़ा 300 रुपये में खरीदकर लातेे हैं और अल्मोड़ा में नशे के आदी हो गए लोगों को एक हजार रुपये तक बेचते हैं। हफ्ते में यह धंधेबाज नशे की खेप अल्मोड़ा लाते हैं और शहर में पहुंचने पर फोन के जरिए आदी हो चुके लोगों को डिलीवरी करते हैं। युवा वर्ग पहले शौकिया तौर पर स्मैक का नशा कर रहा है और कुछ दिन बाद नशे का लती बन रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ लिया जाएगा।
मेडिकल स्टोरों की जांच जारी
अल्मोड़ा। शहर के मेडिकल स्टोरों से छात्रों को नशेे की गोलियां देने के मामले की जांच जारी है। सीएमओ डा. आरसी पंत ने बताया कि संबंधित मेडिकल स्टोर मालिकों द्वारा बताया गया है कि डाक्टर के लिखे पर्चे पर दवाएं विक्रय की गई हैं। सीएमओ ने कहा कि इसे लेकर संबंधित डाक्टरों से पुष्टि की जाएगी। इसकी भी जांच की जाएगी कि डाक्टरों द्वारा पर्चे में लिखी गई मात्रा से अधिक दवा तो विक्रय नहीं की गई।