धरने के दौरान एसडीएम कोर्ट परिसर में नारेबाजी करते दवा विक्रेता।
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गोविंद सिंह माहरा राजकीय अस्पताल परिसर से दवा की दुकान नहीं हटने से दवा व्यापारियों में आक्रोश है। एक सूत्रीय मांग को लेकर दवा विक्रेता लंबे समय से धरने पर बैठे हैं, इधर, उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ ने एलान किया कि कल 11 जुलाई तक यदि दुकान नहीं हटाई गई तो 12 जुलाई से दवा की दुकानें बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ के बैनर तले दवा विक्रेताओं का धरना जारी है। धरने के दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने अस्पताल परिसर में खुली दवा की दुकान को अवैध करार दिया। वक्ताओं ने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद दवा की दुकान नहीं हटाई जा रही है, जबकि इसके लिए जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंप दिए गए हैं, लंबे समय से धरना चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई भी सार्थक कार्रवाई नहीं हुई है।
तय हुआ कि 12 जुलाई से दवा विक्रेता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे और धरना भी जारी रहेगा। इस संबंध में उपजिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भी भेजा गया। इस दौरान शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी दवा विक्रेताओं द्वारा की गई। कहा कि दवा की दुकान हटने के बाद ही आंदोलन समाप्त होगा। इस अवसर पर अध्यक्ष राजेंद्र पांडे, भास्कर कपिल, संदीप चौरसिया, संदीप बंसल, रमेश बंसल सहित तमाम दवा विक्रेता मौजूद थे।