कानूनी जानकारी देते विधिक प्राधिकरण के सचिव डा. शेष चंद्र।
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जीआईसी में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में स्कूली बच्चों को मोटर वाहन अधिनियम, शिक्षा के अधिकार, श्रम कानून और मानव तस्करी आदि के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को वाहन देना और और उनके द्वारा वाहन चलाना दोनों अपराध हैं।
शिविर की अध्यक्षता करते हुए प्राधिकरण के सचिव डा. शेष चंद्र ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लोगों की सहायता के लिए कृत संकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन बनाए रखने और नैतिक शिक्षा को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए शिक्षा के अधिकार, मानव तस्करी, वनाग्नि, श्रम कानूनों आदि के बारे में जानकारी दी। सिविल जज जूनियर डिवीजन अनीता कुमारी ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को वाहन देना और उनके द्वारा वाहन चलाना दोनों अपराध हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत सूचना प्राप्त कर सकता है। जिसे 30 दिन के भीतर उपलब्ध कराना लोक सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी है।
बार एसोसिएशन सचिव पंकज लटवाल और अधिवक्ता आजाद खान ने छात्रों को मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के अलावा कानूनों की जानकारी दी। जिला शिक्षा अधिकारी आरएस यादव ने स्कूली बच्चों से अपराधों को रोकने के लिए सक्रिय योगदान का आह्वान किया। पीएलवी दीपा पांडे अपराधों से बचने और गलत कदम नहीं उठाने की अपील करते हुए पीएलवी के कार्यों के बारे में बताया। शिविर में निर्भया प्रकोष्ठ की वरिष्ठ अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी, कोतवाल उत्तम सिंह, रोहित कार्की, लक्षिता बिष्ट, सुनीता रानी, विनीता, भावना आर्या, महेंद्र चम्याल के अलावा स्कूल के प्रधानाचार्य और शिक्षक मौजूद थेे।