रानीखेत (अल्मोड़ा)। धूराफाट क्षेत्र में पेयजल संकट बरकरार बना हुआ है । वर्षों से जल संकट झेल रहे ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। निरंतर आश्वासन और वादों से क्षुब्ध ग्रामीणों का सब्र अब टूटने लगा है।
किसान विकास संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा क्रमिक अनशन शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि इस बार केवल कागजी कार्यवाही और बयानों से आंदोलन खत्म नहीं होगा। पाइपलाइन बिछाने और नए टैंक निर्माण का कार्य जमीन पर शुरू होने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया जाएगा। उनका कहना है कि बयेड़ी पेयजल पंपिंग योजना को स्वीकृति मिले चार साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक केवल 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रिची थापल योजना से भी जलापूर्ति ठप होने से हालात और बिगड़ गए हैं।
36 ग्राम सभाओं को पानी उपलब्ध कराने के दावे किए गए थे, लेकिन आज भी लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। हर बार केवल आश्वासन मिलता है, परंतु जमीनी स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक ठोस कार्यवाही होती नहीं दिखती, आंदोलन किसी भी सूरत में वापस नहीं लिया जाएगा। पांचवें दिन क्रमिक अनशन पर बैठने वालों में किसान विकास संगठन के अध्यक्ष पूरन चंद्र पांडे, पनी राम, भुवन चंद्र, लछी राम, देवेंद्र सिंह, दीप चंद्र, प्रदीप पांडे, हंसा दत्त पांडे, संजय पांडे, भुवन फर्त्याल, कमल सिंह, पान सिंह, दिनेश कुमार, हीरा राम, चंदन सिंह और सागर पांडे शामिल रहे।
कोट-
खान विभाग एवं राजस्व विभाग की टीम ने शुक्रवार को निरीक्षण कर सर्वे पूरा कर लिया है। आईवेल निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है। शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा ताकि क्षेत्र में पेयजल समस्या का समाधान हो सके।
जेएस तोमर, एई जल निगम रानीखेत