द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। राज्य बनने के बाद भी पर्वतीय क्षेत्र के विकास की अवधारणा साकार नहीं हो सकी। तमाम अभावों के कारण लोग पहाड़ छोड़ तराई का रुख कर रहे हैं। द्वाराहाट ब्लॉक का दुगौड़ा गांव भी पलायन की पीड़ा से जूझ रहा है।
फल, सब्जी उत्पादन के लिए मशहूर इस गांव में अब कुल 15 परिवार ही रह गए हैं। ग्रामीणों की प्रमुख समस्या मजखाली-दुगौड़ाकोट- बग्वालीपोखर सड़क न बन पाने की है। सड़क का शिलान्यास 12 साल पहले हो चुका है, लेकिन लोनिवि के अधिकारियों का कहना है कि मोटर मार्ग स्वीकृत ही नहीं है।
दुगौड़ा के गांव तीन क्षेत्रों में बंटा है। ग्रामीणों की तहसील रानीखेत, विधानसभा सोमेश्वर, ब्लॉक द्वाराहाट है। यहां से रानीखेत की दूरी 35 किमी, सोमेश्वर की दूरी 40 किमी, ब्लॉक की दूरी 25 किमी है। छोटे-बड़े कार्यों के लिए भी ग्रामीणों को भारी परेशानी होती है।
गांव में फल, सब्जियों का उत्पादन प्रचुर मात्रा में होता है। पूर्व में यहां 36 परिवार निवास करते थे, लेकिन निरंतर पलायन के कारण अब सिर्फ 15 परिवार बचे हैं। खाली भवनों में ताले लगे हैं। ग्रामीणों की प्रमुख मांग मजखाली-दुगौड़ाकोट-बग्वालीपोखर मोटर मार्ग की है।
यह मांग वर्षों पूर्व से चली आ रही है। 12 साल पहले इस मोटर मार्ग को मंजूरी मिली, तत्कालीन लोनिवि मंत्री और विधायक अजय भट्ट ने मजखाली में इस मोटर मार्ग का शिलान्यास किया, लेकिन मार्ग का निर्माण नहीं हो सका है।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भूतपूर्व सैनिक भोपाल सिंह नेगी ने बताया कि इस बारे में कई बार विभागों के चक्कर काट दिए हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है, इधर लोनिवि के अधिकारियों का कहना है कि इस नाम का मोटर मार्ग स्वीकृत ही नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीणों को गुमराह करने के लिए शासन, प्रशासन के नुमाइंदों ने उन्हें गुमराह किया है।
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। मजखाली-दुगौड़ाकोट-बग्वालीपोखर मोटर मार्ग के नाम पर छले जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की है। अन्यथा विधनासभा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है।