निकटवर्ती टाना गांव में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में मृतका की मां ने पति समेत अन्य ससुरालियों पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। राजस्व पुलिस मामले की विवेचना में जुट गई है। बता दें कि बीती 13 सितंबर की शाम टाना गांव निवासी गीता मेहरा (22) पत्नी भरत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
बताते हैं कि गीता दोपहर रानीखेत बाजार आई थी। शाम को घर जाते ही उसकी तबियत बिगड़ने लगी तो उसे रानीखेत राजकीय अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद डॉ. एसके गोस्वामी ने बताया कि शरीर पर चोट के निशान नहीं हैं। अलबत्ता बिसरा जांच के लिए सुरक्षित रख दिया गया है। मृतका का पति रानीखेत में सेना में कार्यरत है। उसका नौ माह का बच्चा भी है।
इधर, शुक्रवार को मृतका के मायके पक्ष के लोग यहां पहुंचे। गीता की मां शांति देवी पत्नी कुंदन सिंह का कहना था कि 13 सितंबर की शाम उन्हें मृतका के जेठ ने फोन पर गीता की तबियत खराब होने की सूचना दी थी। जब वह लोग अस्पताल पहुंचे तो उन्हें उनकी बेटी मृत मिली। मृतका का विवाह दो साल पूर्व ही हुआ था। उनका कहना था कि ससुराली शादी के बाद से ही गीता को दहेज के लिए प्रताड़ित किया करते थे।
गीता कई बार फोन पर इस बारे में बता भी चुकी थी। उन्होंने पति भरत सिंह, सास हीरा देवी, जेठ नारायण सिंह, जिठानी जानकी देवी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। उप राजस्व निरीक्षक जगदीश देवड़ी ने बताया कि धारा 304बी, 498 ए और 3/4 दहेज अधिनियम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना शुरू की जा रही है।