फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विवाद के बाद नंदादेवी मंदिर के मुख्य चैनल में ताले डाले, दर्शनार्थी दो घंटे हुए परेशान

विज्ञापन
नंदादेवी मंदिर को लेकर हुए विवाद के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस। - फोटो : ALMORA
विज्ञापन
अल्मोड़ा। नंदादेवी महोत्सव से ठीक पहले अल्मोड़ा के प्रसिद्ध नंदादेवी मंदिर के पुजारियों के बीच पूजा की बारी को लेकर विवाद हो जाने से एक पुजारी ने मंदिर के मुख्य चैनल में ताला ठोक दिया। इसके बाद मंदिर समिति ने भी चैनल में ताला डाल दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। विवाद के चलते पूजा अर्चना में व्यवधान हुआ और दर्शनार्थी भी परेशान रहे। पुलिस प्रशासन ने दोनों पुजारियों के बीच बीते साल हुए लिखित करारनामे का अध्ययन करने के बाद फिलहाल नौ सितंबर तक वर्तमान पुजारी की देखरेख में ही पूजा अर्चना कराने की व्यवस्था तय की। करानामे को देखते हुए मंदिर समिति भी इस पर राजी हो गई। इसके बाद शाम को चैनल में लगे ताले खोल दिए गए और करीब दो घंटे बाद दर्शनार्थियों को मां नंदा देवी के दर्शन सुलभ हुए।
विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक चौसार निवासी लीलाधर जोशी (96) नंदादेवी मंदिर के प्रधान पुजारी हैं। बताया गया है कि उनके भांजे हरीश चंद्र जोशी भी पिछले कई सालों से मंदिर में सहायक पुजारी के तौर पर पूजा अर्चना कराते हैं। प्रधान पुजारी के पुत्र तारा दत्त जोशी भी सहायक पुजारी के तौर पर मंदिर परिसर में ही पूजा अर्चना में मदद करते हैं। बताया गया है कि पूजा की बारी को लेकर पुजारियों में मतभेद होने पर बीते साल मंदिर समिति के पदाधिकारियों की मध्यस्थता में पुजारियों के बीच लिखित करार हुआ। करारनामे में यह कहा गया था कि नंदादेवी मंदिर और गीता भवन समिति की सहमति से दोनों सहायक पुजारी हरीश चंद्र जोशी और तारा दत्त जोशी एक-एक साल के लिए मंदिर के पुजारी की व्यवस्था संभालेंगे। करार के मुताबिक हरीश चंद्र जोशी का कार्यकाल नौ सितंबर को समाप्त हो रहा है लेकिन शुक्रवार को ही बारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
इसके बाद हरीश चंद्र जोशी ने मंदिर के चैनल में ताला ठोक दिया। बाद में मंदिर समिति ने भी चैनल में ताला डाल दिया। विवाद बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस फोर्स भी वहां पहुंच गई। कुछ देर में सभी पक्ष थाने में पहुंचे। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने करारनामे का अध्ययन किया। जिसमें लिखा था कि सहायक पुजारी हरीश चंद्र जोशी नौ सितंबर 2019 तक पुजारी बने रहेंगे। उसके बाद अगले एक साल तक सहायक पुजारी तारा दत्त जोशी मंदिर के पुजारी का कार्य देखेंगे। करारनामे का अध्ययन करने के बाद कोतवाल अरुण कुमार वर्मा, तहसीलदार संजय कुमार और मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा आदि ने करीब दो घंटे बाद मंदिर के चैनल में लगे ताले खुलवा दिए। तब जाकर विधिवत पूजा अर्चना शुरू हुई। यह भी बता दें कि आगामी तीन सितंबर से नंदादेवी महोत्सव भी शुरू होने जा रहा है जो आठ सितंबर तक चलेगा।

नंदादेवी मंदिर के मुख्य गेट में पुजारी और मंदिर कमेटी दोनों के द्वारा लगाया गया अलग अलग ताला।- फोटो : ALMORA

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें