रानीखेत (अल्मोड़ा)। सिंगोली, विशुवा, गंगोड़ा सहित आसपास के गांवों में तेंदुए की दहशत जारी है। पूर्व सैनिक पर हमले के बाद वन विभाग ने यहां दो पिंजरे भी लगा दिए हैं। मुरादाबाद से शिकारी भी बुुलाया गया है, बावजूद इसके तेंदुआ पकड़ में नहीं आ पा रहा है। मंगलवार को विशुवा गांव में तेंदुए ने घर के अंदर घुसकर कुत्ते को निवाला बना लिया। ग्रामीणों के मुताबिक यहां छह से अधिक तेंदुए शावकों के साथ सक्रिय हैं।
कुछ दिन पूर्व कथा सुनकर सिंगोली गांव लौट रहे पूर्व सैनिक पर तेंदुए ने हमला बोलकर उन्हें बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। इसके बाद नामकरण संस्कार से लौट रहे एक युवक पर भी तेंदुए ने हमले का प्रयास किया। हरकत में आई वन विभाग की टीम ने वहां मचान स्थापित किया, मुरादाबाद से शिकारी बुला लिया। सिंगोली और गंगोड़ा में दो पिंजरे भी लगाए गए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता ललित जोशी ने बताया कि मंगलवार की देर शाम तेंदुआ विशुवा गांव निवासी रेखा जोशी के घर में घुस गया। बाहर के कमरे में कुत्ता बंधा था, रेखा ने बताया कि तेंदुए ने कुत्ते को मुंह में दबाया और चलता बना। वे बुरी तरह से दहशत में आ गई। प्रधान सहित तमाम पंचायत प्रतिनिधियों ने रेंजर को ज्ञापन भी सौंपा है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र तेंदुए का आतंक कम नहीं हुआ तो ग्रामीण धरने के साथ आंदोलन करेंगे।
-गंगोड़ा बैंड कमेटपानी के पास भी तेंदुए का खतरा हो गया है। बच्चों को अकेले स्कूल जाने में भी डर लग रहा है। दिनदहाड़े हमारी बकरी को निवाला बना लिया गया। शाम होते ही तेंदुए की गर्जना शुरू हो जा रही है।-राधिका देवी, गंगोड़ा कमेटपानी।
-पशुपालक पशुपालन के माध्यम से कैसे आय दोगुनी करेंगे। तेंदुए ने गाय को निवाला बना लिया और दो दिन के अंदर पूरी गाय को ही खा गए। इन दिनों पूरा गांव दहशत में है। वन विभाग को अतिरिक्त प्रयास कर ग्रामीणों को दहशत से निजात दिलानी चाहिए।-लीला जोशी, विशुवा।