बरसात का मौसम शुरू होने ही वाला है, लेकिन शिक्षा विभाग नौनिहालों के भविष्य को लेकर चिंतित नहीं दिख रहा है। जिले में 29 प्राथमिक और जूनियर हाइस्कूलों के भवन चार साल पहले दैवी आपदा में क्षतिग्रस्त हो गए थे, लेकिन इन्हें आज तक दुरुस्त नहीं कराया गया है। हालत यह है कि इन स्कूलों के बच्चों को पंचायत घर, पटवारी चौकी आंगनबाड़ी आदि के बरामदों में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
जिले में 1385 प्राइमरी और 188 जूनियर हाइस्कूल हैं। इनमें से 25 प्राथमिक और चार जूनियर हाइस्कूलों के भवन पूर्व में दैवी आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हो गए थे। इनमें धौलादेवी ब्लॉक में तीन प्राथमिक और एक जूनियर हाइस्कूल, भैंसियाछाना में पांच प्राथमिक, लमगड़ा में एक, हवालबाग में एक प्राथमिक और एक जूनियर हाइस्कूल, चौखुटिया में एक प्राथमिक, स्याल्दे में एक जूनियर हाइस्कूल और चार प्राथमिक, सल्ट में दो, द्वाराहाट में एक जूनियर हाइस्कूल, ताड़ीखेत में चार प्राथमिक, ताकुला और भिकियासैंण में दो-दो प्राथमिक स्कूल शामिल हैं। स्कूलों के भवन क्षतिग्रस्त होने के कारण यहां अध्ययनरत बच्चे पंचायत घर, पटवारी चौकी आदि जगहों पर पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।