यात्री खुले में शौच न करें तो फिर कहां करें ? ग्राम पंचायत फुलई से लगे डाकघर बाजार में बनकर तैयार हुए हाईटेक शौचालय लोकार्पण होने के एक साल बाद भी खुल नहीं पाया है, जबकि चांदीखेत बाजार में पूर्व में बना शौचलय अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। जिससे लोगों के साथ ही यात्रियों और पर्यटकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्या प्रदेश के अधिकारी और जनप्रतिनिधि केंद्र सरकार के खुले में शौच न करने को लेकर चलाए जा रहे अभियान की हवा निकालने पर तुले हैं। क्षेत्र में शौचालय की किल्लत के चलते रामगंगा के किनारे शौच को मजबूर हुए यात्रियों को देखकर तो यही प्रतीत हो रहा है। असल में प्रस्तावित राजधानी गैरसैंण से लगे तहसील मुख्यालय के चौखुटिया बाजार के डाकघर बाजार में ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा सात लाख की लागत से हाईटेक शौचालय बनाया गया है जिसका लोकार्पण 23 जून 2016 को हुआ था, परंतु लोकार्पण के एक साल बाद भी शौचालय को चालू करने की दिशा में किसी भी स्तर से कोई पहल नहीं की जा रही है। हालत यह है कि शौचालय के चारों तरफ झाड़ियां उग आई हैं।
उधर चांदीखेत बाजार में बने एकमात्र शौचालय के अतिक्रमण की चपेट में आ जाने से दिक्कत और बढ़ गई है। असल में बदरीनाथ, हेमकुंड और फूलों की घाटी जाने वाले यात्रियों के लिए चौखुटिया मुख्य पड़ाव स्थल है। परंतु शौचालय जैसी मामूली सुविधा न होने से यात्रियों के लिए रामगंगा के निकट खुले में शौच करने के सिवाय दूसरा कोई चारा नहीं बचा है। लोगों का कहना है कि जब शौचालय चालू ही नहीं करना था तो फिर उसे बनाकर फिजूल खर्ची क्यों की गई।