राजीव नवोदय विद्यालय चौनलिया में दूषित पानी से बीमार हुए बच्चों की हालत में सुधार है। बुधवार को बच्चों ने गृह परीक्षाएं दीं। स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण सिर्फ एक बच्ची विद्यालय नहीं पहुंच सकी। इधर, जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद विद्यालय के टैंक की सफाई नहीं की गई है।
मालूम हो कि दूषित पानी पीने से राजीव नवोदय विद्यालय के 84 बच्चे डायरिया की चपेट में आ गए थे। इनमें 23 बच्चों को उनके अभिभावक घर ले गए। रानीखेत और आसपास के अस्पतालों से पहुंची डाक्टरों की टीम ने विद्यालय में ही बच्चों का इलाज किया। विद्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक हॉस्टल में रह रहे अधिकांश बच्चों के स्वास्थ्य में काफी सुधार है। बुधवार को एक छात्रा अंकिता तिवारी को छोड़कर सभी छात्र-छात्राएं विद्यालय में चल रही गृह परीक्षा में शामिल हुईं।
यह भी उल्लेखनीय है कि मंगलवार को जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने जल संस्थान के अधिकारियों को पेयजल टैंक की सफाई करने, खुले टैंक को बंद करने और प्लास्टिक के पाइप हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन जिलाधिकारी के निर्देशों के बावजूद बुधवार को टैंक की सफाई तक नहीं की गई। इधर, एसडीएम एनएस नबियाल ने बताया कि टैंकों की सफाई आदि कार्यों के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। तीन दिन के भीतर यह काम कर लिए जाएंगे।
सैंपल लेने की भी जरूरत नहीं समझी
राजीव नवोदय विद्यालय में एक साथ दर्जनों बच्चों के बीमार होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक पीने के पानी के साथ ही बच्चों को दिए जा रहे भोजन आदि की जांच तक नहीं की है। अभी तक यह भी पता नहीं लग सका है कि आखिर डायरिया किस वजह से फैला।
9 वाटर प्यूरीफायर खरीदे गए
राजीव नवोदय विद्यालय चौनलिया में रहने वाले छात्र-छात्राओं को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी नौ हाउसों के लिए एक-एक वाटर प्यूरीफायर खरीद लिए गए हैं। एसडीएम एनएस नबियाल ने बताया वाटर प्यूरीफायर गुरुवार को विद्यालय के हॉस्टल में लगवाए जाएंगे।